यूपी के हापुड़ स्थित ऊंचा अमीरपुर गांव की रहने वाली दो सगी बहनों की फुंसी, फोड़ा ठीक करने की दवा खाने से हालत बिगड़ गई। 24 घंटे में दोनों की मौत हो गई, परिजनों ने धौलाना सीएचसी से दोनों को दवा दिलाई थी। गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए, लोगों ने सीएचसी के बाहर हंगामा और धरना प्रदर्शन किया। मृतका का शव पोस्टमार्टम को भेजा, जबकि दूसरी बहन का गुरुवार को ही अंतिम संस्कार कर दिया।
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धौलाना सीएचसी
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सभी धौलाना सीएचसी से दवा लेने को मजबूर
दरअसल, ऊंचा अमीरपुर गौतमबुद्ध नगर जिले के अंतर्गत आता है। लेकिन यह धौलाना से महज चार किलोमीटर दूर है, गौतमबुद्धनगर का सरकारी अस्पताल इस गांव से करीब 15 किलोमीटर दूर पड़ता है। इस कारण सभी ग्रामीण धौलाना सीएचसी से ही दवा लेते हैं।
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मृत बच्चों को लेकर जाते परिजन
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पांच में से बचीं सिर्फ तीन बहनें
ऊंचा अमीरपुर निवासी निर्मला ने बताया कि उसके पुत्र जितेंद्र उर्फ लक्की की पांच पुत्री हैं। पांच अगस्त को दूसरे और तीसरे नंबर की 9 वर्षीय शिवांगी और चार वर्षीय साक्षी को फुंसी, फोड़े निकलने पर धौलाना सीएचसी लाई थी। निर्मला ने बताया कि यहां चिकित्सकों ने दवा दे दी। लेकिन दवा लेने के बाद शाम को दोनों के शरीर में सूजन होने लगी। इस पर छह अगस्त को फिर से अस्पताल आकर, चिकित्सक को बताया। दूसरे दिन दवा बदलकर दी गई, लेकिन इन्हें खाने पर तबीयत में कोई सुधार नहीं आया। गुरुवार को शिवांगी की हालत और बिगड़ गई, परिजन उसे हापुड़ सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया।
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पुलिस को जानकारी देता पिता
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मेरठ मेडिकल ले जाते जाते हुई मौत
गमगीन माहौल में शिवांगी का परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया। शुक्रवार को दूसरी बहन साक्षी की हालत भी बिगड़ने लगी। परिजनों ने बताया कि साक्षी को हापुड़ सीएचसी लेकर गए, लेकिन वहां इलाज नहीं मिला, उसे मेरठ रेफर कर दिया गया। शुक्रवार की दोपहर में मेरठ मेडिकल ले जाते समय उसने भी दम तोड़ दिया।
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दवाइयां देखती पुलिस
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पुलिस ने संभाला मामला
24 घंटे के अंदर ही दो सगी बहनों की मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। गलत दवाएं देने का आरोप लगाते हुए परिजनों ने धौलाना सीएचसी के बाहर हंगामा और धरना शुरू कर दिया। तहसीलदार प्रवेश कुमार और पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर, साक्षी के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।