{"_id":"5df743eb8ebc3e87a35947d0","slug":"when-chief-minister-yogi-adityanath-survived-narrowly-in-the-deadly-attack","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जब बड़े जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे थे योगी आदित्यनाथ, गोरखपुर दंगों में हुए थे गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जब बड़े जानलेवा हमले में बाल-बाल बचे थे योगी आदित्यनाथ, गोरखपुर दंगों में हुए थे गिरफ्तार
Tue, 17 Dec 2019 11:49 AM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Tue, 17 Dec 2019 11:49 AM IST
विज्ञापन
योगी आदित्यनाथ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शायद कम ही लोग ये बात जानते होंगे कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक बार बड़ा जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में वह बाल-बाल बच गये थे। ये हमला इतने बड़े लेवल पर था कि योगी के समर्थकों की सौ से ज्यादा गाड़ियों को हमलावरों ने घेर लिया और तोड़फोड़ कर लोगों को लहुलुहान कर दिया। इसी बीच जमकर फायरिंग हुई थी। भीड़ को शांत करने के लिए पुलिस ने ताबड़तोड़ गोलियां भी बरसाईं थीं।
मुख्यमंत्री योगी पूरे दिन मौजूद रहे।
- फोटो : amar ujala
7 सितम्बर 2008 को सांसद योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था। आदित्यनाथ को गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया जब मुस्लिम त्योहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गयी। हमले के दौरान योगी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- फोटो : file
पुलिस अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से पहले से ही मना कर दिया था लेकिन आदित्यनाथ उस जगह पर जाने को अड़ गए। तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की। अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा की लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहीद के घर पहुंचे सीएम योगी
- फोटो : file
आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी। आदित्यनाथ को सीआरपीसी की धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत जेल भेज दिया गया। उनपर कार्यवाही का असर ये हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा।
विज्ञापन
लोकभवन कार्यक्रम का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फ़ैल गए। योगी की गिरफ़्तारी के अगले दिन तत्कालीन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का तबादला हो गया। कथित रूप से आदित्यनाथ के ही दबाव के कारण तत्कालीन मुलायम सिंह यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी।