फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

परिणय स्थली में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा शुरू, स्वामी अखंडानंद बोले-होगी आनंद की प्राप्ति

Mon, 16 Dec 2019 10:21 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: विजय जैन Updated Mon, 16 Dec 2019 10:21 PM IST
विज्ञापन
Swami Akhandanand Bhagwat Katha organise bhaiya ji daal bhaat parivar gorakhpur
भागवत कथा सुनाते स्वामी अखंडानंद। - फोटो : अमर उजाला
भइया जी दाल भात परिवार की ओर से बैंक रोड स्थित परिणय स्थली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा पहले दिन रविवार को कथा व्यास स्वामी अखंडानंद ने कहा कि जैसे दही में मक्खन छिपा होता है और इसे मथकर बाहर निकाला जाता है, वैसे ही मन में आनंद छिपा होता है और इसे निकालने का एकमात्र माध्यम है श्रीमद्भागवत कथा। श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मानव को परम आनंद की प्राप्ति होती है।


कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा को के वल मृत्युलोक में ही प्राप्त करना संभव है, क्योंकि मरने के बाद कुछ प्राप्त नही होता है। जो मिठास हमारे धार्मिक ग्रंथों में है, अगर ये जीवन में उतर जाए तो जीवन से कष्ट ही दूर हो जाएंगे। श्रीकृष्ण ने कहा है कि जहां भी भागवत कथा होती है वहां दुनिया के सभी तीर्थ पहुंच जाते हैं। सभी साधनों में भागवत कथा श्रेष्ठ है। कथा के दौरान भक्ति के वास्तविक अर्थ से भी परिचित करवाया गया।
Swami Akhandanand Bhagwat Katha organise bhaiya ji daal bhaat parivar gorakhpur
परिणय स्थली में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा - फोटो : अमर उजाला
कथाव्यास ने समझाया कि भक्ति और विभक्ति दो शब्द हुआ करते हैं। आज इंसान प्रभु से विभक्ति होने के कारण ही दुखी है। भक्ति का अर्थ ही है परमात्मा से जुड़ जाना और यही सच्चा धर्म भी है। हर समस्या से निकलने की क्षमता और रास्ता दोनों  ही ईश्वर ने हमें दिए हैं। बस, जरा सा सिर उठाकर ऊपर देखने भर की देर है।

जीव के गर्भ में आने से लेकर मृत्यु तक सभी क्रिया भूख और शांति के आसपास घूमती रहती है। समाज में घटने वाली अधिकतर घटनाएं भूख के कारण ही होती हैं। ऐसे में भूख की समस्या कैसे समाप्त हो, इसके बारे में सभी को सोचना होगा। इससे पहले कथा का शुभारंभ मेयर सीताराम जायसवाल, गोरखपुर विश्वविद्यालय प्राचीन इतिहास विभाग के शिक्षक प्रो. राजवंत राव, पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया।

मुख्य यजमान हरिशचंद्र सोनकर ने पत्नी के साथ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच व्यास पीठ की पूजा अर्चना की।
Swami Akhandanand Bhagwat Katha organise bhaiya ji daal bhaat parivar gorakhpur
कथा सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम का संचालन आशीष रुंगटा व व्यापारी नेता रमेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर भइया जी दाल भात परिवार से गुड्डू भइया, दुर्गा प्रसाद राय, भानु प्रकाश, सुरेश चंद्र जायसवाल, यशवंत सिंह, दिनेश मोदी, शिवराज मलकानी, अमित अग्रवाल, राजू साहू, राजेश नेभानी, शनि शाह, राजन तिवारी, अनिल कुमार गुप्ता, संदीप चौधरी, आशुतोष्ज्ञ त्रिपाठी, नरेंद्र जायसवाल, मणिनाथ गुप्ता, कनक हरि अग्रवाल, दीनबंधु, महानंद यादव , यशपाल, शंकर गिरि, एमपी सिंह, सोनू निगम सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Swami Akhandanand Bhagwat Katha organise bhaiya ji daal bhaat parivar gorakhpur
भव्य शोभायात्रा के साथ हुई भागवत कथा की शुरुआत - फोटो : अमर उजाला
काली मंदिर से निकली कलश यात्रा
श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को कलश यात्रा से हुआ। सुबह 10 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच काली मंदिर से कलश यात्रा निकली, जो गणेश चौराह, विजय चौक होते हुए कथा स्थल बैंक रोड स्थित परिणय स्थली पहुंची। जहां विधि विधान से पूजन अर्चन के साथ कलश की स्थापना की गई।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed