फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नेपाल में जलप्रलय: सेना ने संभाला मोर्चा, 919 लोग सुरक्षित निकाले; 54 विदेशी भी रेस्क्यू- 36 शव मिले

Mon, 31 Aug 2026 05:59 PM IST
Rohit Singh नेपाल के विदुर से राजन राय की रिपोर्ट
नेपाल के विदुर से राजन राय की रिपोर्ट Published by: Rohit Singh Updated Mon, 31 Aug 2026 05:59 PM IST
सार

विदुर स्थित नेपाल के राहत कैंप में रह रहे लोगों की जिंदगी इन दिनों बेबसी और दर्द के बीच गुजर रही है। परिवार राहत कैंप में अपना दिन काटने को मजबूर हैं। बैठे लोगों की आंखों में अपने घर लौटने की उम्मीद है लेकिन सामने तबाही का मंजर है। किसी का मकान पानी और मलबे में तब्दील हो गया तो किसी की दुकान और रोजी-रोटी का साधन बह गया। वर्षों की मेहनत से जुटाया सामान कुछ घंटों में बाढ़ की तेज धारा अपने साथ ले गई।

विज्ञापन
919 people have been rescued so far in the Nepal floods, including 54 foreigners.
नुवाकोट के विदुर बाजार में जलप्रलय के कारण पुल बहने के बाद भारी तबाही का मंजर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
नेपाल में बाढ़ के बाद अब जिंदगी और कठिन हो गई है। जिन इलाकों का संपर्क पुल टूटने और सड़क मार्ग बाधित होने से पूरी तरह कट चुका है, वहां सेना के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया है। राहत और बचाव अभियान के दौरान अब तक 919 लोगों को सुरक्षित निकालकर सेना के कैंप और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।

 
919 people have been rescued so far in the Nepal floods, including 54 foreigners.
अपनों की तलाश में कैंप पहुंचे लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
रेस्क्यू किए गए लोगों में 54 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। अलग-अलग स्थानों से 36 शव भी बरामद किए जा चुके हैं।रविवार को सेना के कैंप के बाहर पूरे दिन लोगों की भारी भीड़ जुटी रही। किसी को अपने माता-पिता की तलाश है तो कोई अपने बेटे, भाई या रिश्तेदार की खबर लेने के लिए कैंप तक पहुंच रहा है।
919 people have been rescued so far in the Nepal floods, including 54 foreigners.
अपनों की तलाश में सेना के कैंप में पहुंचे व्यक्ति की गोद में बच्चे को देख दुलारता सेना का जवान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
लोगों की आंखों में अपनों को खोने का डर साफ दिखाई दे रहा है। कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में हैं।कैंप कार्यालय में सेना की तरफ से बताया गया कि रविवार को शाम चार बजे तक 209 लोगोें को सकुशल रेस्क्यू करके लाया गया। 200 से ज्यादा लोगों ने अपनों के लापता होने की सूचना दी है। जिन लोगों का रेस्क्यू किया गया उनकी सूची बाहर चस्पा कर दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
919 people have been rescued so far in the Nepal floods, including 54 foreigners.
रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाते सेना के जवान - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रभावित इलाकों में बिगड़ रही भूखे-प्यासे लोगों की हालत
प्रभावित इलाकों में सबसे बड़ी समस्या भोजन और पीने के पानी की बनी हुई है। कई गांवों में कई दिनों से लोग राहत सामग्री के इंतजार में हैं। भूख और प्यास से लोगों की हालत लगातार बिगड़ रही है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण है। रेस्क्यू अभियान में सेना के जवान जान जोखिम में डालकर प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
919 people have been rescued so far in the Nepal floods, including 54 foreigners.
अपनों की तलाश में सेना के कैंप के बाहर लोगों की लगी लंबी लाइन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कैंप में दर्द और बेबसी में कट रहीं रातें
विदुर स्थित नेपाल के राहत कैंप में रह रहे लोगों की जिंदगी इन दिनों बेबसी और दर्द के बीच गुजर रही है। परिवार राहत कैंप में अपना दिन काटने को मजबूर हैं। बैठे लोगों की आंखों में अपने घर लौटने की उम्मीद है लेकिन सामने तबाही का मंजर है। किसी का मकान पानी और मलबे में तब्दील हो गया तो किसी की दुकान और रोजी-रोटी का साधन बह गया। वर्षों की मेहनत से जुटाया सामान कुछ घंटों में बाढ़ की तेज धारा अपने साथ ले गई।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed