यूपी के बुलंदशहर स्थित नरोरा थाना क्षेत्र के गांव रतनपुर में एक पिता ने अपनी ही 12 वर्षीय बेटी की एक दुकान से बिना बताए टॉफी का डिब्बा चोरी करने को लेकर पीट-पीट कर हत्या कर दी। शराब के नशे और गुस्से में चूर पिता ने मासूम पर डंडे से तब तक प्रहार किए जब तक वह अचेत नहीं हो गई। इसके बाद हत्यारा पिता अपनी बेटी को तड़पता हुआ तब तक देखता रहा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। इस दौरान पत्नी-बच्चों के साथ घंटों घर में ताला लगाकर अंदर ही बैठा रहा और देर शाम को आरोपी पत्नी व अन्य बच्चों को घर में ही बंधक बनाकर बाहर से कुंडी लगाकर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
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मौके पर जांच करती पुलिस टीम
- फोटो : अमर उजाला
पुष्पेंद्र पेशे से दूधिया
क्षेत्र के गांव रतनपुर निवासी आरती ने बताया कि उसके पति पुष्पेंद्र उर्फ पप्पू, पेशे से दूधिया हैं और शराब का बुरी तरह आदि है। बताया कि उनकी बड़ी बेटी पूजा (12 वर्ष) गांव के ही एक स्कूल में कक्षा छह की छात्रा थी। गुरुवार दोपहर करीब तीन से चार बजे उनकी पुत्री पूजा दुकान से सामान लेने गई थी। वहां से वह एक टॉफी का डिब्बा दुकानदार को बिना बताए उठा लाई थी। इस बाबत दुकानदार ने पुष्पेंद्र से इसकी शिकायत कर दी। शाम करीब पांच बजे पुष्पेंद्र गुस्से में आग बबूला होकर घर पहुंचे। साथ ही डंडा लेकर पुष्पेंद्र ने बेटी पूजा की पिटाई शुरू कर दी।
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चीखती रही, रहम की भीख मांगती रही बेटी
पूजा चीखती रही, रहम की भीख मांगती रही, लेकिन नशे में धुत पप्पू का दिल नहीं पसीजा। जब मां आरती अपनी बेटी को बचाने के लिए बीच में आई, तो आरोपी ने उसे भी बेरहमी से पीटा और धकेल दिया। पप्पू ने बेटी को तब तक पीटा जब तक वह अधमरी होकर जमीन पर नहीं गिर गई। मारपीट के बाद पूजा गंभीर अवस्था में जमीन पर पड़ी रही। आरती उसे अस्पताल ले जाने के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन दरिंदे पिता ने घर के दरवाजे को अंदर से बंद कर लिया। उसने न तो किसी को बाहर जाने दिया और न ही किसी को मदद के लिए बुलाने दिया।
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मौत के बाद भी नहीं पसीजा कलेजा
कुछ ही देर में तड़प-तड़प कर पूजा ने दम तोड़ दिया। बेटी की मौत के बाद भी पुष्पेंद्र का कलेजा नहीं पसीजा। वह कई घंटों तक घर के अंदर ही बैठा रहा, जिससे कि कोई शोर न मचा सके। दिन छिपते ही आरोपी पुष्पेंद्र ने चालाकी दिखाई और पत्नी व छोटे बच्चों को अंदर ही छोड़कर बाहर से दरवाजा बंद किया और फरार हो गया। पत्नी आरती के पास मोबाइल फोन नहीं था। आरोपी के जाने के करीब दो से तीन घंटे बाद शोर होने पर वहां से गुजर रहे अन्य ग्रामीण ने दरवाजा खोला, जिसके बाद अन्य ग्रामीणों को जानकारी हो सकी।
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परिजन कर रहे थे अंतिम संस्कार की तैयारी, पहुंच गई पुलिस
बेटी की मौत के बाद आरती के परिजन व अन्य ग्रामीण शुक्रवार सुबह बच्ची के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान किसी ग्रामीण ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। सुबह करीब 11 बजे पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल की। कुछ देर बाद सूचना मिलते ही सीओ मधूप सिंह पुलिस बल और फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।