खूनी संघर्ष की नफरत अमित के भीतर भी उसके बचपन के दिनों से ही भरी हुई थी। उसी संघर्ष में उसकी मां और मामा की हत्या हुई तो उसने उसका बदला गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान खानपुर के जाड़ौल निवासी संजीव प्रधान की हत्या कर लिया। लेकिन, खूनी रंजिश की नफरत अभी भी उसके दिल और दिमाग से खत्म नहीं हो रही है। यही कारण है कि धनौरा में रविवार सुबह हुए गोलीकांड का मुख्य साजिशकर्ता पुलिस जेल में बैठे अमित को ही मान रही है।
बुलंदशहर: जेल में बैठा अमित, खेल रहा ‘मौत का खेल’
जेल में उससे मिलने वालों की सूची होगी तैयार
जानकारी के अनुसार जेल में बंद कुख्यात अमित से पुलिस जल्द ही पूछताछ कर सकती है। साथ ही उससे मिलने वालों और जेल में उसके साथ रहे बंदियों-कैदियों की सूची भी तैयार की जा रही है। सूत्रों की मानें तो जल्द ही पुलिस इस वारदात का पटाक्षेप कर देगी।
गैर जनपदों और राज्यों में दी जा रही दबिशें
पुलिस बदमाशों की धर पकड़ के लिए आसपास के जनपदों व गैर राज्यों में भी दबिश दे रही है। माना जा रहा है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद जेवर के रास्ते हरियाणा की ओर भागे होंगे। हालांकि, पुलिस को अभी ऐसा कोई तथ्य हाथ नहीं लगा है। साथ ही पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
घटना स्थल पर पड़े खोखे बता रहे थे बदमाशों के इरादे
आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों ने कार सवार परिवार के लोगों पर ऑटोमेटिक हथियारों से फायरिंग की थी। घटना स्थल से पुलिस 12 खोखे बरामद होने की बात कह रही है। जबकि, देखा जाए तो मौके पर गनर पुष्पेंद्र ने चार राउंड फायरिंग की, धर्मपाल ने दो राउंड फायरिंग की। बताया जा रहा है कि दोनों ओर से करीब 15-20 राउंड फायरिंग की गई है।
सुबह हुई वारदात और गोलियों की गड़गड़ाहट से गांव में सन्नाटा पसर गया। देखते ही देखते घरों के बाहर दिखाई दे रहे लोग घरों के भीतर दुबक गए। गोलियों की गड़गड़ाहट बंद होने के बाद लोग बाहर निकले और पुलिस को सूचना दी।
अभी तक की जांच में जेल में बंद अमित ही मुख्य साजिशकर्ता नजर आ रहा है। उसने जेल में बैठे हुए ही अपने साथियों से इस वारदात को अंजाम दिलाया है। जल्द ही उससे पूछताछ की जाएगी और उससे मिलने वालों से भी पूछताछ की जाएगी। -संतोष कुमार सिंह, एसएसपी