बदायूं के इस्लामनगर में बरातघर से 16 अप्रैल को चोरी हुए एक साल के बच्चे सौरभ को पुलिस ने तलाश कर लिया है। पुलिस ने तीन महिलाओं समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी बच्चा चोर गिरोह से जुड़े हैं और उन्होंने आगरा के दंपती को 70 हजार रुपये में बच्चे को बेच दिया था। बच्चे को चुराने और बेचने के रैकेट की मुख्य आरोपी खुशबू है। उसने योजनाबद्ध तरीके से सारा काम किया, लेकिन डिजिटल साक्ष्य छोड़ती चली गई। तकनीक आधारित पुलिसिंग की बदौलत टीम ने बच्चा चुराने वाले रैकेट का खुलासा कर दिया।
ये आरोपी गिरफ्तार
गिरफ्तार अभियुक्तों में जिला बुलंदशहर के थाना छतारी में गांव रामनगर निवासी खुशबू पुत्री ज्ञान सिंह, वहीं के थाना अनूपशहर के गांव भोपतपुर निवासी मुनेश, आगरा के थाना सदर में मोहल्ला सुखधाम कॉलोनी निवासी दिनेश, इसी मोहल्ले की पूजा पत्नी मुकेश व आगरा में थाना ताजगंज निवासी बबली पत्नी सोनू शामिल हैं। मुनेश के खिलाफ जिला बुलंदशहर में एक मामला पहले से दर्ज है।
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सीसीटीवी फुटेज में दिखी थी आरोपी नर्स
- फोटो : वीडियो ग्रैब
200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली
एसएसपी अंकिता शर्मा ने रविवार को बताया कि इस्लामनगर के मोनार्क फार्म हाउस में 16 अप्रैल की रात विवाह कार्यक्रम चल रहा था। भूखन प्रजापति का बेटा सौरभ कमरे में सो रहा था, तभी एक महिला उसे ले गई। अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने 200 सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान फार्म हाउस के बाहर एक कार दिखी। यह कार बुलंदशहर के भोपतपुर निवासी मुनेश के नाम पंजीकृत थी। पुलिस मुनेश के पते पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर कार को बरामद कर लिया।
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एसएसपी ने महिला को सौंपा बच्चा
- फोटो : संवाद
बच्चे को 70 हजार रुपये में बेचा
मुनेश ने बताया कि वह अपनी रिश्तेदार बुलंदशहर के रामनगर निवासी खुशबू के साथ इस कार से फार्म हाउस गया था। खुशबू समारोह में महिलाओं के बीच गई और जयमाला कार्यक्रम के पास कमरे में सो रहे बच्चे को उठा लाई। वे लोग बच्चे को लेकर आगरा की सुखधाम कॉलोनी में रहने वाले खुशबू के मौसा दिनेश के घर पहुंचे। दिनेश और खुशबू ने बच्चे को दिनेश के भाई मुकेश के साले सोनू शाक्य के यहां ले गए। वहां 70 हजार रुपये में बच्चे का सौदा किया गया। सोनू की शादी के बारह वर्ष बाद भी कोई संतान नहीं थी। इन दोनों को सोनू ने 20 हजार रुपये अग्रिम राशि दी। शेष रुपये जल्द देने की बात कही।
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पुलिस की गिरफ्त में बच्चा चोर गिरोह
- फोटो : संवाद
नर्स है आरोपी महिला
आरोपी खुशबू बिल्सी के पास निजी अस्पताल में नर्स है। एएनएम का कोर्स कर वह काफी समय से बदायूं जिले में नौकरी कर रही है। उसे जिले की भौगोलिक समझ है और रास्तों से परिचित है। बच्चा चोरी करने के दौरान वह सज संवरकर शादी समारोह में पहुंच गई थी। यहां उसका कोई परिचित नहीं था लेकिन वह महिलाओं के बीच जाकर जल्दी घुलमिल गई। इस दौरान उसने कमरों में जाकर सोता हुआ वह बच्चा भी चिह्नित कर लिया।
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पुलिस ने बच्चा चोर गिरोह का किया खुलासा
- फोटो : संवाद
बच्चे की बुआ से की दोस्ती
खुशबू ने बच्चे की बुआ से उसने दोस्ती कर ली। कार्यक्रम के दौरान जब बच्चे की बुआ के मोबाइल में अच्छी सेल्फी नहीं आ रही थी तो उन्होंने खुशबू के मोबाइल से सेल्फी ले ली। इसके बाद उनकी जिद पर खुशबू ने बच्चे की बुआ को अपने नंबर से फोटो सेंड कर दिया। जब बच्चा चोरी के बाद सीसीटीवी के वीडियो फुटेज में खुशबू का चेहरा दिखा तो बच्चे की बुआ ने उसे पहचान लिया। उन्होंने उसका वह मोबाइल नंबर भी पुलिस को दे दिया जिससे फोटो उन्हें भेजा गया था। पुलिस जांच में यह अहम कड़ी रही। इसके बाद कासगंज में खुशबू के इसी मोबाइल नंबर से पेट्रोल पंप पर भी पेमेंट किया गया। पुलिस ने इसी नंबर को सर्विलांस पर लगाकर आरोपियों तक पहुंचने में सफलता पा ली।