बिजनौर जनपद में मुनीर और रैय्यान को फांसी की खबर से सहसपुर गांव में सन्नाटा पसरा है। तंजील के परिवारवालों और रिश्तेदारों ने कोर्ट के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। हत्यारे मुनीर और रैय्यान के घर पर मातम पसरा है। दोनों परिवारों से जुड़े लोग कुछ भी प्रतिक्रिया देने को तैयार नहीं है। फैसला आने के चलते शनिवार सुबह ही गांव में पुलिस तैनात कर दी गई थी। दिनभर पुलिस गश्त करती रही।
घटना से पहले सहसपुर के नागरिकों को अंदाजा भी नहीं था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में रहकर पढ़ाई करने वाला मुनीर इतना बड़ा अपराधी होगा। भोली सूरत और दुबली पतली कद काठी के चलते लोग उसे मासूम समझते थे।
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बिजनौर पुलिस।
- फोटो : amar ujala
मुनीर बातचीत में लोगों को जल्दी प्रभावित कर लेता था। उसके अपराध वाली छवि से शुरुआत में लोग अनजान ही थे। ग्रामीण बताते हैं कि शुरुआत में वह क्षेत्र में होने वाली आपसी लड़ाई-झगड़ों से सदैव दूरी बनाए रखता था।
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पुलिस बिजनौर।
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इतना नहीं बल्कि सहपाठियों को भी झगड़ों से दूर रहने की सलाह देता था। मुनीर की संलिप्तता तंजील हत्याकांड में जाहिर हुई तो लोग आश्चर्यचकित रहे गए।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड
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तंजील को मारी थीं 24 गोलियां
दो अप्रैल 2016 की रात्रि में तंजील और उनकी पत्नी की हत्या की जानकारी मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया था। हमलावरों ने एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील को 24 गोलियां मारी थीं। उनके शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर में गोली लगने और निकलने के 33 घाव थे। उनकी मौत से संतुष्ट होने के बाद ही आरोपी भागे थे।
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आरोपी मुनीर, तंजील अहमद हत्याकांड
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वहीं शुरू में घटना को आतंकवाद से जोड़कर देखा गया था, बाद में लेन-देन विवाद का मामला निकला था। स्योहारा सहसपुर के बीच तीन स्थानों और सहसपुर में दो सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद हत्या में प्रयुक्त बाइक और हत्यारोपियों की पहचान हुई थी।