ईद के दिन तीन परिवारों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। दो सगे भाइयों समेत तीन युवकों और एक किशोर की डूबने से मौत हो गई। उधर, सूचना मिलते ही गांव में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया गया कि ये चारों दोस्त कोटद्वार घूमने गए थे।
ईद के दिन उठे चार जनाजे: कोटद्वार खुशियां मनाने गए चार दोस्तों की मौत, परिजनों पर टूटा गमों का पहाड़ और गांव में पसरा मातम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अपनी गाड़ी से कोटद्वार गए थे घूमने
बताया गया कि मंगलवार दोपहर में आठ लोग अपनी गाड़ी से कोटद्वार घूमने गए थे। रास्ते में खो नदी में स्नान करते समय एक युवक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा, उसे बचाने के लिए दूसरा युवक नदी में उतरा तो वह भी डूबने लगा और इसके बाद एक-एक करके चारों युवक डूब गए। सूचना पर एसडीआरएफ और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और नदी में डूबे युवकों के शवों को बाहर निकाला।
मातम में बदल गईं ईद की खुशियां
ईद की खुशियां मनाने कोटद्वार गए चार युवकों की पानी में डूबने से मौत हो गई। युवकों की मौत के बाद तीन परिवारों की ईद की खुशियां मातम में बदल गईं। मरने वालों में दो सगे भाई थे, जबकि एक मासूम सहित चार लोगों की जान बच गई।
बताया जाता है कि कोटद्वार से आगे नदी में नहाते समय जैब, गुड्डू, नदीम व गालिब की मौत हो गई, जबकि सलमान 27 वर्ष, शाहाबाज 29 वर्ष, बिलाल 10 वर्ष व एक तीन वर्षीय मासूम कसफ की जान बच गई। ईद के मौके पर चार युवकों की मौत की खबर नगीना में पहुंचते ही मातम छा गया। जैब व गुड्डू सगे भाई थे।
बुझ गए एक परिवार के दोनों चिराग
कोटद्वार के पास नदी में डूबने से जैब व गुड्डू की मौत से परिवार के दोनों चिराग बुझ गए। बताया गया कि साजिद के चार बेटियां व दो बेटे थे। दोनों ही बेटों की मौत होने से उनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट गया। मोहल्ले में रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। देर शाम तक लोग वहीं पर जमा थे।