उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मंगलवार को ईद की खुशियां मनाने कोटद्वार गए चार युवकों की पानी में डूबने से मौत हो जाने से तीन परिवारों की ईद की खुशियां मातम में बदल गईं। मरने वालों में दो सगे भाई हैं, जबकि एक मासूम सहित चार लोगों की जान बच गई। मरने वालों में जैब और गुड्डू दो सगे भाई थे।
ईद पर मातम में बदलीं खुशियां: तीन घरों से एकसाथ उठे चार जनाजे, एक परिवार के बुझ गए दोनों चिराग
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नगीना के मोहल्ला लाल सराय निवासी साजिद के पुत्र जैब व गुड्डू अपने घर के ठीक सामने रहने वाले रिश्तेदार नदीम व नगर के मोहल्ला शेख सराय निवासी गालिब तथा एक मासूम सहित आठ लोग अपनी गाड़ी से मंगलवार की दोपहर कोटद्वार से आगे ईद की खुशियां मनाने गए थे।
बताया जाता है कि कोटद्वार से आगे नदी में नहाते समय जैब, गुड्डू, नदीम व गालिब की मृत्यु हो गई, जबकि सलमान (27), शाहाबाज (29, बिलाल (10) व एक तीन वर्षीय मासूम कसफ की जान बच गई। ईद के मौके पर चार युवकों की मौत की खबर नगीना में पहुंचते ही मातम छा गया। मृतकों में जैब व गुड्डू सगे भाई थे।
बुझ गए एक परिवार के दोनों चिराग
कोटद्वार के पास नदी में डूबने से जैब व गुड्डू की मौत से परिवार के चिराग बुझ गए। बताया जाता है की साजिद के चार बेटियां व दो बेटे थे। डूबने से दोनों ही पुत्रों की मौत होने से उनके ऊपर गमों का पहाड़ टूट गया। मोहल्ले में रिश्तेदारों और आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। देर शाम तक लोग वहीं पर जमा थे।
साजिद का पूरा परिवार गुरुग्राम में ही रहता है तथा ईद मनाने सोमवार को पूरा परिवार नगीना आया था। साजिद गुरुग्राम में ही ठेकेदारी करते हैं, जबकि दोनों उनके पुत्र मैकेनिक का काम करते थे। नदीम भी गुरुग्राम में ही मोटर मैकेनिक का काम करता था जबकि चौथा मृतक गालिब कक्षा 11 का छात्र था।