सूबे के सीएम योगी ने अफसरों के ऑफिस आने का समय तय कर दिया है लेकिन तमाम अफसर अभी तक बेपरवाह बने हुए हैं। कुछ अधिकारियों की कार्यालय में देर से आने की आदत नहीं छूट रही है। बिजनौर जनपद में अमर उजाला की टीम ने गुरुवार सुबह 9:30 बजे से लेकर डेढ़ बजे तक सरकारी कार्यालयों की पड़ताल की तो तस्वीर साफ हो गई। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की पड़ताल ने पोल खोल कर रख दी। सीएमओ, खाद्य विभाग के अधिकांश अधिकारी नदारत मिले, जबकि डीएम, एसपी, सीडीओ साढ़े नौ बजे से ही जनता की समस्याओं को सुनते नजर आए।
लापरवाह अफसरों की खुली पोल: अमर उजाला के कैमरे में कैद हुईं दफ्तरों की खाली कुर्सियां, सबूत हैं ये तस्वीरें
सुबह 9:40 बजे: समस्याएं सुनते दिखे अफसर
कलक्ट्रेट में डीएम उमेश मिश्रा तय समय पर ऑफिस पह़ुंच गए और फरियादियों की समस्याओं को सुना। एडीएम प्रशासन विनय कुमार भी कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक करते दिखे। एसडीएम सदर मोहित कुमार अपने कामकाज में मशगूल नजर आए।
10:20 बजे: हाल ए विकास भवन
ठीक दस बजकर बीस मिनट पर विकास भवन में स्थित कार्यालयों का हाल जाना गया। सीडीओ केपी सिंह कार्यालय में मौजूद रहकर रशीदपुर गढ़ी के प्रधान के संग गांव के विकास पर मंथन करते नजर आए। युवा कल्याण अधिकारी की कुर्सी खाली पड़ी हुई थी। डीपीआरओ भी अपने कार्यालय में मौजूद नहीं मिले। समाज कल्याण अधिकारी कामकाज करते नजर आए। एनआरएलएम उपायुक्त के कार्यालय में डीसी मौजूद नहीं मिले।
10:10 बजे पुलिस कार्यालय में मौजूद दिखे अधिकारी
पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह अपने कार्यालय में फरियाद सुनते नजर आए। कार्यालय के बाहर फरियादियों की भीड़ लगी हुई थी। एएएपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन सिंह भी जरुरी फाइलों पर हस्ताक्षर करते देखे गए।
सुबह 10:40 बजे: खाद्य सुरक्षा औषद्यि प्रशासन के दफ्तर में रहा सन्नाटा
करीब साढ़े दस बजे तक खाद्य सुरक्षा एवं औषद्यि प्रशासन के कार्यालय में सन्नाटा पसरा हुआ था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी की कुर्सी समेत सभी पटल खाली मिले। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी के कार्यालय का दरवाजा ही बंद मिला।