विदुरकुटी के सामने मां गंगा तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने लगा है। गंगा तट पर श्रद्धालुओं ने तंबू लगा लिए हैं। गंगा स्नान करके साधु संत साधना कर रहे हैं तो श्रद्धालुओं के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालु का पहुंचने का सिलसिला जारी है। शनिवार की शाम तक मेले में 50 हजार श्रद्धालु पहुंच चुके थे।
Bijnor: मां गंगा के तट पर उमड़ने लगा आस्था का सैलाब, 50 हजार श्रद्धालु पहुंचे, साधना में लीन हुए साधु-संत
गंगा मेले में झलक रही भारतीय संस्कृति
गंगा मेले में मिनी कच्चे चूल्हे बिक रहे हैं। डेरों के आगे मिट्टी के चूल्हों पर भोजन और खिचड़ी आदि बनाई जा रही है। सुबह जहां गंगा के आसपास खाली मैदान नजर आ रहे थे, वह शाम को पूरी तरह भर गए।
आलू चाट, मूंगफली, पेठे की हो रही बिक्री
मेले में आलू टिकी चाट, पानी के गोल गप्पे, दही चाट, आलू, पनीर पकौड़ी, चाट पकौड़ी, मूंगफली, पेठे की खूब बिक्री हो रही है। मुख्य बाजार के साथ साथ मेले की लिंक मार्गों पर भी चाट के ठेले लगे हुए हैं। मुख्य बाजार में बड़े होटल खुले हैं। मेले में मुख्य बाजार के पास छोटे बड़े झूले लग रहे हैं। झूलों पर बच्चें, महिलाएं आदि झूल कर आनंद ले रहे हैं।
मेले में हो रहे भंडारे
गंगा मेले में किसान, सामाजिक, हिंदू संगठनों की ओर से कैंप लगाए गए हैं। यहां श्रद्धालुओं के रुकने व खाने के लिए निशुल्क व्यवस्था की गई है। कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान में श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए रेडियो, टेलीविजन चल रहे हैं।
दुरुस्त है मेले में पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था
गंगा मेले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस हर रास्ते व चौराहे पर मेले में तैनात है। यातायात व्यवस्था के लिए मेले में ट्रैफिक पुलिस भी आवाजाही और जाम से निपटने को तैनात है।