लखीमपुर खीरी जिले में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कच्ची दीवार और पेड़ गिरने से ढहे मकान के मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई। चार लोग घायल हुए हैं। शुक्रवार को जिले में कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित रहा। बिजली के खंभे गिरने और लाइन क्षतिग्रस्त होने से जिले के 500 से अधिक गांवों की बिजली 24 घंटे से अधिक समय तक गुल रही। शहर के गंगोत्रीनगर, महराजनगर, बहादुरनगर, आवास विकास व सिकटिहा आदि मोहल्लों की बिजली आपूर्ति भी 12 घंटे से अधिक समय तक बाधित रही। बारिश से जिले की नदियां भी उफना गई हैं। संपूर्णानगर क्षेत्र के गोविंदनगर गांव में बाढ़ का पानी पहुंच गया। पलिया और धौरहरा प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बारिश, बाढ़ और जलभराव के चलते आठवीं तक के स्कूलों में शनिवार का अवकाश घोषित किया गया है।
बारिश का कहर: लखीमपुर खीरी में दो लोगों की मौत, पेड़-खंभे गिरे, 500 गांवों की बिजली गुल; स्कूलों में छुट्टी
मितौली में पिता की मौत, पुत्र घायल
मितौली थाना क्षेत्र के दानपुर गांव में तेज हवा व बारिश के बीच घर की कच्ची दीवार ढहने से दीवार पर पड़े टीन शेड के नीचे चारपाई पर लेटे कल्लू उर्फ रमाकांत (44) और उनका 6 वर्षीय पुत्र अर्पित मलबे में दब गए। पत्नी पूजा देवी के शोर मचाने पर पास पड़ोस के लोगों ने मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला। दीवार के नीचे दबे कल्लू उर्फ रमाकांत पुत्र कर्ताकृष्ण की मौके पर मौत हो गई। पुत्र अर्पित घायल हो गया।
हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने क्षेत्रीय लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों ने बताया कि पूर्व में भी एक दीवार ढह गई थी। लेखपाल ने रिपोर्ट लगाने के नाम पर रुपये मांगे थे। अगर रिपोर्ट लगा दी होती को कल्लू को आवास मिल जाता और हादसा नहीं होता। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक राजू राव, उपनिरीक्षक प्रशांत श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार अखिलेश मौर्या, कानूनगो जितेंद्र चंदेल गांव पहुंचे। थाना प्रभारी व नायब तहसीलदार के समझाने पर परिजन पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए।
पीपल का पेड़ गिरने से मकान ढहा, बुजुर्ग की मौत
मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के गांव हथेला वाजिदपुर निवासी 65 वर्षीय बालकराम बृहस्पतिवार की रात 12:30 बजे घर के अंदर लेटे थे। तभी तेज हवा और बारिश से पीपल का पेड़ मकान के ऊपर गिर गया। पेड़ गिरने से मकान का कुछ हिस्सा ढह गया। बालकराम मलबे में दब गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी से पीपल हटाकर मकान के लिंटर को उठवाया। मलबे में दबे बालकराम को बाहर निकाला, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार ने बताया कि बारिश और हवा के चलने से पीपल का पेड़ मकान पर गिर गया। इससे बालकराम की मौत हो गई। मौके का निरीक्षण कराया गया है।
कच्ची दीवार गिरने से दंपती और बेटा घायल
मोहम्मदी क्षेत्र के गांव बरा में बृहस्पतिवार रात करीब दो बजे नारायण लाल (55) उनकी पत्नी विद्यावती (50) और 18 वर्षीय पुत्र धीरेंद्र के साथ छप्पर के नीचे सो रहे थे। तेज बारिश और हवा के चलते कच्ची दीवार ढह गई। तीनों मलबे में दब गए। दीवार गिरने की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीनों को बाहर निकाला। घायलों को सीएचसी लाया गया। हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने नारायण लाल और विद्यावती को जिला अस्पताल शाहजहांपुर रेफर कर दिया। धीरेंद्र का उपचार सीएचसी में चल रहा है।