पीलीभीत के न्यूरिया क्षेत्र में गांव टांडा बिजैसी निवासी राजमिस्त्री गोकुल मलिक को बाघ ने निवाला बना लिया। गोकुल रविवार को काम करने के बाद रोजाना की तरह पैदल ही घर का सफर तय करने के लिए निकला था। वह घर से सौ मीटर दूर ही था। अचानक मौत बनकर आए बाघ ने उस पर हमला कर दिया। जान बचाने को गोकुल ने गेहूं के खेत में दौड़ भी लगाई, लेकिन बच नहीं सका। खेत में उसके शरीर के अंग अलग-अलग मिले।
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Pilibhit: घर से 100 मीटर पहले गोकुल पर मौत का झपट्टा, बाघ ने बनाया निवाला, बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
Tue, 10 Jan 2023 02:39 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 10 Jan 2023 02:39 PM IST
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राजमिस्त्री गोकुल का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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खेत में पड़ा खून और बाघ के पंजे के निशान
- फोटो : अमर उजाला
गन्ने के खेत के निकट स्थित गेहूं के खेत में मिले खून और गोकुल के पैरों के निशान देखकर ऐसा माना जा रहा है कि बाघ से बचने के लिए गोकुल ने खेत में दौड़ भी लगाई थी, लेकिन बाघ की गति के आगे वह काम नहीं आ सकी। बाघ ने शिकार कर गन्ने के खेत में ले जाकर रात भर शरीर को खाया। सोमवार की सुबह उसका अधखाया शव मिला।
घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत
- फोटो : अमर उजाला
माता-पिता मजदूरी करने गए हैं कर्नाटक
गोकुल का परिवार काफी गरीब है। उसके माता-पिता तीन माह से कर्नाटक में रहकर मजदूरी कर रहे हैं। राजमिस्त्री की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति और भी डगमगा गई है। पत्नी पर दो बच्चों के सामने खाने-पीने का संकट गहरा गया है।
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पुलिस की गाड़ी का घेराव करतीं महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस वाहन का भी किया घेराव
घटना के बाद बाघ को पकड़ने की मांग पर अड़े परिजन और ग्रामीण किसी की बात मानने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि वन विभाग के अफसर मौके पर आएं और आश्वस्त करें कि बाघ को कब तक पकड़ेंगे। खेत के आगे ग्रामीण जमा हो गए थे।
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घटना के बाद से ग्रामीणों में दहशत
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान न्यूरिया पुलिस ने शव को खेत में पीछे से लाकर वाहन में लाद लिया। भनक लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वाहन का घेराव कर लिया। हालांकि इसके बाद अफसरों के पिंजड़ा लगाने के आश्वासन के बाद शव को ले जाने दिया गया।