बरेली में स्वतंत्रता दिवस की 77वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अमर उजाला के अभिनव अभियान 'माँ तुझे प्रणाम' का आगाज तिरंगा यात्रा (वाहन रैली) से हुआ। देशप्रेम का संदेश लेकर वाहनों का काफिला निकला। मुख्य अतिथि झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने बरेली क्लब से यात्रा को झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने हर घर तिरंगा लगाने की अपील भी की।
मां तुझे प्रणाम: तिरंगामय हुआ बरेली... देशप्रेम का संदेश लेकर निकला वाहनों का काफिला; देखिए तस्वीरें
रिमझिम फुहारों ने किया स्वागत
तिरंगा यात्रा की शुरुआत से प्रकृति भी आह्लादित रही। आरंभ से विश्राम तक, बादल छाए रहे। रिमझिम फुहारों ने इसका स्वागत किया। खुशनुमा मौसम में यात्रा बरेली क्लब से शुरू होकर गांधी उद्यान, चौकी चौराहा, अय्यूब खां चौराहा, नॉवल्टी चौराहा, महादेव पुल, धर्मकांटा से सेलेक्शन प्वॉइंट चौराहा, शील चौराहा, बांके बिहारी मंदिर होते हुए आदिनाथ चौराहा से घूमकर स्पोर्ट्स स्टेडियम पहुंचकर संपन्न हुई।
जगह-जगह हुआ पुष्पवर्षा से यात्रा का स्वागत
उद्यमियों और व्यापारियों ने तिरंगा यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। जलपान वितरण भी किया। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन शाखा बरेली के सचिव रजत मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष सलिल बंसल, गौरव भसीन, शार्दुल ने केके हॉस्पिटल रोड पर स्वागत किया। उप्र व्यापारी सुरक्षा फोरम के महानगर अध्यक्ष रामकृष्ण शुक्ला के नेतृत्व में दीपक द्विवेदी, प्रभजीत सिंह, प्रमोद रघुवंशी, मोबिन सलमानी, सतीश गुप्ता, मनु गुप्ता व अन्य सदस्यों ने स्टेडियम रोड पर स्वागत किया। रैली के निर्धारित मार्ग पर लोगों ने अपने घर की छत से भी पुष्पवर्षा की।
हर घर पर तिरंगा लगाने की अपील
स्पोर्ट्स स्टेडियम में तिरंगा यात्रा के विश्राम के बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने देश की आजादी में बरेली के क्रांतिकारियों के योगदान को साझा किया। उन्होंने रोहिला सरदार खान बहादुर खान, सेठ दामोदर स्वरूप, प्रताप चंद्र आजाद, श्रीराम मूर्ति की भूमिका रेखांकित की। साथ ही, स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में बरेली के प्रत्येक नागरिक से घर पर तिरंगा लगाने की अपील की।
हर घर व दुकान पर लगाएं तिरंगा
महापौर उमेश गौतम ने कहा कि आजादी के पर्व से दो दिन पहले अमर उजाला की तिरंगा यात्रा ने लोगों में देशभक्ति का भाव जगाने का सार्थक प्रयास किया। लोग तिरंगा लगाने के मानकों को लेकर असमंजस में रहते हैं। जबकि, नियम बदल गए हैं। अब दिन हो या रात, घर, प्रतिष्ठान व संस्थान पर 24 घंटे झंडा लहरा सकते हैं। जो जोश रैली में दिखा, वही जोश प्रत्येक शहरवासी में दिखना चाहिए।