फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Trump Launches America.gov AI Portal to Simplify Access to US Government Services

ट्रंप ने लॉन्च किया एआई पोर्टल: अब एक जगह पर मिलेंगी सरकारी सेवाएं; जेमिनी और ग्रोक क्या करेंगे? जानें खासियत

Tue, 29 Sep 2026 11:02 PM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 29 Sep 2026 11:02 PM IST
सार

ट्रंप ने नया एआई आधारित सरकारी पोर्टल लॉन्च किया है। इसका मकसद नागरिकों को अलग-अलग सरकारी वेबसाइटों के बजाय एक जगह सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देना है। इसमें जेमिनी और ग्रोक जैसे एआई टूल की मदद ली जा रही है। आखिर कैसे करेगा काम? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Trump Launches America.gov AI Portal to Simplify Access to US Government Services
ट्रंप ने लॉन्च किया नया AI सरकारी पोर्टल - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एंड्रयू डब्ल्यू मेलन ऑडिटोरियम में एक भव्य कार्यक्रम के दौरान अमेरिका डॉट जीओवी पोर्टल का आधिकारिक शुभारंभ किया। कार्यक्रम में एलन मस्क सहित टेक जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। अमेरिकी सरकार के इस एआई संचालित ऑल-इन-वन प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को दर्जनों सरकारी वेबसाइटें खंगालने से बचाना और नौकरशाही की जटिलताओं को कम करना है। ट्रंप ने इसके लिए एआई की जगह पर सुपर इंटेलिजेंस (एसआई) शब्द का इस्तेमाल किया।

विज्ञापन


इस पोर्टल से आम नागरिक को सरकारी फॉर्म, लाभ, योजनाओं और पूछताछ से जुड़ी सभी जानकारियां एक ही जगह मिल सकेंगी। ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर भी किए, जिसके तहत सभी सार्वजनिक सरकारी सेवाओं को इस पोर्टल से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है।
विज्ञापन


जेमिनी और ग्रोक क्या करेंगे?

  • यह प्लेटफॉर्म गूगल के जेमिनी और एक्सआई के ग्रोक का उपयोग करता है, जिसे व्हाइट हाउस नेशनल डिजाइन स्टूडियो के साथ मिलकर विकसित किया जा रहा है।
  • विज्ञापन
    विज्ञापन
  • उपयोगकर्ता सरकारी सेवाओं के लिए इन टूल की मदद ले सकते हैं। सामान्य भाषा में प्रश्नों के जवाब मिलने से संघीय सेवाओं को समझना आसान होगा।


जुकरबर्ग-पिचाई समेत कई सीईओ होंगे शामिल
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को व्हाइट हाउस में दुनिया की बड़ी टेक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक करने वाले हैं। यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब एआईI के तेजी से विकास, उसकी सुरक्षा और सरकार की भूमिका को लेकर अमेरिका में बहस तेज है।

रिपोर्ट के मुताबिक, बैठक में मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो अमोडेई, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग और पलान्टिर के सीईओ एलेक्स कार्प के शामिल होने की उम्मीद है। ओपनएआई के ग्रेग ब्रॉकमैन भी बैठक में शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन भी इसमें मौजूद रहेंगे।

एआई सुरक्षा और सरकार की भूमिका पर चर्चा
बैठक का मुख्य मुद्दा एआई में इनोवेशन और सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना बताया जा रहा है। माइक जॉनसन के अनुसार, चर्चा इस बात पर होगी कि एआई कंपनियों की सुरक्षा को लेकर क्या जिम्मेदारी है और इस क्षेत्र में सरकार की भूमिका कितनी होनी चाहिए। उन्होंने एआई विकास पर रोक या बहुत कड़े नियमों का विरोध किया है।

जॉनसन का कहना है कि अमेरिका एआई के क्षेत्र में चीन से अपनी बढ़त खोने का जोखिम नहीं उठा सकता। उनका जोर एआई विकास जारी रखने के साथ पारदर्शिता और जरूरी निगरानी पर है।



एआई को लेकर बढ़ रही सुरक्षा की चिंता
यह बैठक ऐसे समय हो रही है, जब एआई सिस्टम के ज्यादा सक्षम और स्वायत्त होने के साथ उनके संभावित जोखिमों पर चिंता बढ़ी है। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में एंथ्रोपिक के सीईओ डेरियो अमोडेई ने भी कहा था कि अगर एआई को सही तरीके से नियंत्रित नहीं किया गया, तो यह पूरी मानवता के लिए जोखिम बन सकता है।



वहीं, एआई कंपनियों और अमेरिकी नीति निर्माताओं के बीच यह बहस भी जारी है कि तकनीक के विकास को धीमा किया जाए या सुरक्षा उपायों के साथ इसे आगे बढ़ाया जाए। कुछ अमेरिकी सांसद ज्यादा सरकारी निगरानी की मांग कर रहे हैं, जबकि ट्रंप प्रशासन एआई में अमेरिकी नेतृत्व बनाए रखने पर जोर देता रहा है।

ट्रंप एआई विकास पर क्या कहते रहे हैं?
ट्रंप ने एआई से जुड़े गंभीर खतरों की कुछ चेतावनियों को पहले खारिज किया है और एआई विकास को अमेरिका की तकनीकी और राष्ट्रीय सुरक्षा बढ़त से जोड़ा है। मंगलवार को उन्होंने चीन के साथ एआई के संचालन और नियमों पर सहयोग को लेकर भी कहा कि इससे अमेरिकी कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति प्रभावित हो सकती है।

चीन के साथ एआई की प्रतिस्पर्धा भी अहम मुद्दा
अमेरिका और चीन के बीच एआई तकनीक में प्रतिस्पर्धा इस बैठक की पृष्ठभूमि में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। हाल की ट्रंप-शी जिनपिंग बैठक के दौरान भी एआई को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग रुख सामने आए। चीन ने एआई के विकास को मानव नियंत्रण और जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर दिया, जबकि ट्रंप प्रशासन अमेरिकी तकनीकी बढ़त और निजी क्षेत्र के इनोवेशन को प्राथमिकता देता है।

टेक कंपनियों पर बढ़ रही जिम्मेदारी
एआई के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनियों से यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि वे अपने मॉडलों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर रही हैं। बैठक में कंपनियों की जिम्मेदारी, सरकारी निगरानी और एआई के संभावित जोखिमों को लेकर आगे की नीति पर चर्चा होने की उम्मीद है। हालांकि, बैठक से किसी नए नियम या नीति की घोषणा होगी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed