महिला जज ज्योत्सना राय के परिवार वालों ने अब उनके सुसाइड नोट पर सवाल उठाएं हैं। उनका कहना है कि जो व्यक्ति जमीन खरीद रहा हो, सोफा खरीद रहा हो और गाड़ी खरीदवा रहा हो, वह कैसे आत्महत्या कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें पुलिस को और गहनता से जांच करने की जरूरत है।
डायरी के जो पन्ने फाड़े गए थे, उन्हें तलाश किया जाए। पिछले दरवाजे की भी गहनता से जांच की जाए। भाई हिमांशु शेखर राय ने बातचीत में बताया कि उनकी बहन ज्योत्सना राय अक्सर मां पूनम राय से बात करती थीं। मौत से दो दिन पहले जो उन्होंने सोफा खरीदा था। उसका फोटो व्हाट्सएप किया था।
2 of 11
Jyotsana Rai Case
- फोटो : अमर उजाला
इधर हम लोग लखनऊ में जमीन देख रहे थे। वह जमीन के फोटो लेकर उन्हें व्हाट्सएप करते थे। वह फोटो देखकर उस पर मंथन करती थीं और लखनऊ के लोगों से उसके बारे में बात करती थीं। वह जमीन, आभूषण, सोफा और अन्य सामान खरीद रहीं थीं। हर रोज उनकी बात होती थी।
3 of 11
Judge Jyotsna Rai
- फोटो : अमर उजाला
इस बीच कभी वह परेशान नहीं दिखीं। वह खुद कहती थीं कि लड़ाई झगड़े में कुछ नहीं रखा है। सब लोग आराम से मिलकर रहो। वह दूसरे लोगों को समझाती थीं। ऐसा व्यक्ति कभी आत्महत्या नहीं कर सकता।
4 of 11
जज के सरकारी आवास में जुटी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि इसमें पुलिस को और गहराई से जांच करना चाहिए। पिछले दरवाजे को दोबारा से चेक करना चाहिए। यह भी आशंका जताई कि कहीं ऐसा तो नहीं, किसी जोर दबाव में सुसाइड नोट लिखवाया गया हो। पुलिस इसमें गंभीरता से जांच करे।
5 of 11
Jyotsana Rai Case
- फोटो : अमर उजाला
मां बोली- हालात आत्महत्या जैसे नहीं
मां पूनम राय ने बताया कि जब वह उस कमरे में गईं तो आत्महत्या करने जैसे हालात नहीं दिखे। उन्हें लगता है कि किसी ने गन प्वाइंट पर लेकर सुसाइड नोट लिखवाया गया है।