{"_id":"6aa1d510bdbde38a0b07df94","slug":"model-colonies-are-being-swept-for-donations-with-private-watchmen-responsible-for-security-bareilly-news-c-4-bly1015-963425-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: मॉडल कॉलोनियों में चंदे पर लग रही झाड़ू, सुरक्षा के जिम्मेदार निजी चौकीदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: मॉडल कॉलोनियों में चंदे पर लग रही झाड़ू, सुरक्षा के जिम्मेदार निजी चौकीदार
विज्ञापन
बरेली। रामगंगानगर आवासीय योजना...बरेली विकास प्राधिकरण इसे मॉडल कॉलोनी के रूप में विकसित करने का दावा करता है, लेकिन यहां सुविधाओं का अकाल है। हालात यह हैं कि यहां के बाशिंदे चंदे पर सफाई करवा रहे हैं। चौकीदार भी निजी खर्च पर रखा है। प्राधिकरण की ओर से रखरखाव के नाम पर शुल्क तो वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाओं के लिए नागरिक भटक रहे हैं। अमर उजाला की टीम ने सेक्टर चार व नौ की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
प्राधिकरण की तरफ से बसाई गई कॉलोनियों में रहवासियों से चौकीदार, सड़क, बिजली, सीवर लाइन, पार्कों के रखरखाव, सफाई के नाम पर क्षेत्रफल के हिसाब से अनुरक्षण शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद सेक्टर नौ सत्यम एन्क्लेव की सड़क टूटी है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। पार्क में झाड़ियां उग आई हैं। खंभे लटक रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। वर्ष 2021 में कूड़ा उठाने के लिए दो रिक्शा गाड़ियां मंगाई गईं, लेकिन व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। सेक्टर चार में भी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पार्क को घेरा तक नहीं गया है। वहां झाड़ियां उग आई हैं।
नागरिकों ने गिनाईं समस्याएं
बीडीए की कॉलोनी में रहने के बावजूद सीवर लाइन से नहीं जुड़ सका। पानी की टंकी तो बनाई गई है, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। सीवर टैंक पर ढक्कन नहीं है। सड़क धंस गई है। - अवधेश कुमार सिंह
विज्ञापन
72 वर्गमीटर के भूखंड पर प्रतिमाह 500 रुपये अनुरक्षण शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया है। उसे तार से बांधकर रोका गया है। कभी भी हादसा हो सकता है। - शिखर सक्सेना
पार्क के सुंदरीकरण के लिए कितने का टेंडर हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है। मेरे इलाके में लाइटें नहीं हैं, जबकि बगल के खाली वाले सेक्टरों में प्रकाश की व्यवस्था है। -रामनिवास पाठक
पानी की निकासी नहीं हो रही है। ड्रेनेज सिस्टम ठीक हो जाए तो जलभराव की समस्या से निजात मिले। कॉलोनी की सीवर लाइन और बाहर के मुख्य नाले के नीचे होने के चलते समस्या है। - शिवरतन सिंह आर्या
इन सुविधाओं का भी अभाव
- पार्क बदहाल होने के कारण सड़क पर खेलते समय बच्चे घायल हो रहे हैं।
- नालों की सफाई न होने के कारण सड़कों पर जलभराव।
- सीवर लाइन न होने से जलनिकासी की समस्या।
- सड़कें टूटी हैं।
वर्जन
इन कॉलोनियों का मैं निरीक्षण कर चुकी हूं। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। - सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
प्राधिकरण की तरफ से बसाई गई कॉलोनियों में रहवासियों से चौकीदार, सड़क, बिजली, सीवर लाइन, पार्कों के रखरखाव, सफाई के नाम पर क्षेत्रफल के हिसाब से अनुरक्षण शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद सेक्टर नौ सत्यम एन्क्लेव की सड़क टूटी है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। पार्क में झाड़ियां उग आई हैं। खंभे लटक रहे हैं। स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। वर्ष 2021 में कूड़ा उठाने के लिए दो रिक्शा गाड़ियां मंगाई गईं, लेकिन व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। सेक्टर चार में भी जलनिकासी की व्यवस्था नहीं है। स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। पार्क को घेरा तक नहीं गया है। वहां झाड़ियां उग आई हैं।
विज्ञापन
नागरिकों ने गिनाईं समस्याएं
बीडीए की कॉलोनी में रहने के बावजूद सीवर लाइन से नहीं जुड़ सका। पानी की टंकी तो बनाई गई है, लेकिन उसे चालू नहीं किया गया। सीवर टैंक पर ढक्कन नहीं है। सड़क धंस गई है। - अवधेश कुमार सिंह
विज्ञापन
72 वर्गमीटर के भूखंड पर प्रतिमाह 500 रुपये अनुरक्षण शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन सुविधाएं नदारद हैं। बिजली का खंभा टेढ़ा हो गया है। उसे तार से बांधकर रोका गया है। कभी भी हादसा हो सकता है। - शिखर सक्सेना
पार्क के सुंदरीकरण के लिए कितने का टेंडर हुआ है, इसकी जानकारी नहीं है। मेरे इलाके में लाइटें नहीं हैं, जबकि बगल के खाली वाले सेक्टरों में प्रकाश की व्यवस्था है। -रामनिवास पाठक
पानी की निकासी नहीं हो रही है। ड्रेनेज सिस्टम ठीक हो जाए तो जलभराव की समस्या से निजात मिले। कॉलोनी की सीवर लाइन और बाहर के मुख्य नाले के नीचे होने के चलते समस्या है। - शिवरतन सिंह आर्या
इन सुविधाओं का भी अभाव
- पार्क बदहाल होने के कारण सड़क पर खेलते समय बच्चे घायल हो रहे हैं।
- नालों की सफाई न होने के कारण सड़कों पर जलभराव।
- सीवर लाइन न होने से जलनिकासी की समस्या।
- सड़कें टूटी हैं।
वर्जन
इन कॉलोनियों का मैं निरीक्षण कर चुकी हूं। जल्द ही व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जाएगा। - सौम्या पांडेय, उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण