बरेली के इज्जतनगर थाना पुलिस और एसओजी की कार्रवाई में बुधवार को जेल भेजे गए स्मैक तस्करी के आरोपी आदेश तिवारी की बृहस्पतिवार सुबह मौत हो गई। जेल में मुलाकात करने पहुंचे भाई और भाभी के सामने ही आदेश की हालत बिगड़ गई। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। आदेश के भाई ने एसओजी पर हल्की धारा लगाने के बदले दस लाख रुपये वसूलने व इज्जतनगर पुलिस पर पिटाई करने का आरोप लगाया है।
फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के मनकरी गांव निवासी आदेश तिवारी (28) को बुधवार दोपहर बाद जिला जेल (केंद्रीय जेल-2) भेजा गया था। आदेश और उसके पांच अन्य साथियों को गिरफ्तार कर इज्जतनगर पुलिस व एसओजी ने गुडवर्क दिखाया था। एसपी सिटी मानुष पारीक की प्रेसवार्ता में सभी आरोपी मीडिया के सामने पेश किए गए थे। उस वक्त सबके चेहरों पर मास्क लगे थे।
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मृतक के भाई
- फोटो : अमर उजाला
आदेश के बड़े भाई अंशुल तिवारी बृहस्पतिवार सुबह पत्नी के साथ जेल पहुंचे थे। उन्होंने भाई से मुलाकात की पर्ची लगाई। फिर आदेश से मुलाकात हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक, भाई-भाभी से बातचीत के दौरान आदेश की हालत बिगड़ गई। वह सीने पर हाथ रखकर गिर पड़ा।
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मृतक के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
आदेश के भाई अंशुल तिवारी ने एसओजी टीम पर गंभीर आरोप लगाए। बताया कि एसओजी ने आदेश को 29 जून को उनके घर से उठाया था और दो जुलाई को जेल भेज दिया। एसओजी ने उनसे दस लाख रुपये की मांग की। हमने प्लॉट बेचकर रुपये दिए। तय हुआ था कि एसओजी उसे छोड़ देगी। एसओजी ने कुछ और लोगों को भी इसी तरह रुपये लेकर छोड़ा था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक विपिन मिश्रा ने बताया कि मामले की न्यायिक जांच का अनुरोध किया है।
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इज्जतनगर थाना
- फोटो : पुलिस विभाग
अंशुल ने बताया कि बाद में एसओजी के सदस्य आनाकानी करने लगे। फिर कहा कि पिटाई नहीं लगेगी और हल्की धारा में कम स्मैक दिखाकर जेल भेजा जाएगा। ये वादा भी टूट गया। इज्जतनगर पुलिस ने भारी मात्रा में स्मैक साथ में दिखाई और पिटाई भी की। इससे आदेश की हालत बिगड़ गई। उसे जेल भेजा गया तो जेल प्रशासन ने भी इलाज पर ध्यान नहीं दिया। इसकी वजह से भाई की मौत हो गई।
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आदेश तिवारी का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस रिकॉर्ड में दो प्रदेशों में तस्करी करता था आदेश
बरेली पुलिस ने आदेश की मौत के बाद उत्तराखंड पुलिस से संपर्क साधकर उसका आपराधिक रिकॉर्ड निकाला। इससे पता लगा कि देहरादून में भी आदेश के खिलाफ वर्ष 2018 और 2019 में स्मैक तस्करी की रिपोर्ट दर्ज है। वह अक्सर बाहर रहता था और कम समय में उसने काफी धन कमा लिया था। हाल ही में घर लौटकर वह बरेली में भी तस्करी करने लगा था।