लखीमपुर खीरी के चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में सोमवार को हुए गोलीकांड ने बच्चों के मन में ऐसा डर भर दिया, जिसे वे काफी समय तक भूल नहीं पाएंगे। स्कूल की छुट्टी में 30 मिनट बाकी थे, तभी यह वारदात हो गई। इस दौरान स्टाफ ने बच्चों को कमरों में सुरक्षित कर लिया। कुछ देर बाद बच्चों को बाहर निकालकर परिसर में लाया गया।
सूचना पाकर अभिभावक भी स्कूल पहुंचने लगे। इस दौरान स्कूल परिसर में खड़े बच्चे खामोश थे। जैसे ही उनके माता-पिता उन्हें लेने पहुंचे, कई बच्चे अपने भीतर छिपे डर और घटना के अनुभव को शब्दों में बताने लगे। पिता के साथ परिसर से बाहर निकल रहे बच्चे ने चलते-चलते ही कहा- पापा, मेरी मैम को मार डाला।
2 of 14
इसी स्कूल में शिक्षिका की हत्या कर युवक ने की खुदकुशी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मासूम के ये शब्द सुनकर आसपास का माहौल भी भावुक हो उठा। बच्चे को सिर्फ इतना ही पता था कि उसकी मैम मर गईं। उसे शायद घटना की पूरी भयावहता का अंदाजा नहीं था।
3 of 14
सिक्षिका निशात की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्कूल से बाहर निकलते समय कई बच्चे अपने माता-पिता से चिपके हुए थे। कुछ लगातार घटना के बारे में बताते रहे तो कुछ खामोश होकर उनके साथ घर चले गए। गोलीकांड के बाद स्कूल में पसरी खामोशी और बच्चों की डरी हुईं आंखें इस घटना के असर को बयां कर रही थीं।
4 of 14
आरोपी मोहम्मद सऊद अंसारी की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बच्चों का रखें विशेष ख्याल
जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अखिलेश शुक्ला ने बताया कि बच्चे काफी कम उम्र के हैं। ऐसे में उन पर इस तरह की वारदात काफी असर डाल सकती है। अभिभावकों को बच्चों का ध्यान देना होगा। बच्चों को समझाएं और इस घटना की घर में बार-बार चर्चा न करें।
5 of 14
इसी स्कूल में शिक्षिका की हत्या कर युवक ने की खुदकुशी, जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बार-बार उनके सामने इस घटना का जिक्र न हो, इसके लिए सोशल साइट और समाचार न दिखाएं। बच्चों को खेल के साथ अन्य चीजों में व्यस्त करें। जिस युवक ने इस घटना को अंजाम दिया है, ऐसा लोग जुनून में करते हैं।