बदायूं की बाबा कॉलोनी में दो मासूम भाइयों आयुष और आहान की 19 मार्च को हत्या कर दी गई थी। इस दोहरे हत्याकांड में अब तक कई तरह के सवाल उठ रहे थे। एक सवाल यह भी था कि हत्या केवल साजिद ने की थी या फिर दोनों भाई थे। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने सोमवार को चार्जशीट कोर्ट में पेश की तो स्पष्ट हो गया कि दोनों बच्चों की हत्या किसी एक ने नहीं बल्कि दोनों आरोपी भाइयों ने मिलकर की थी।
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Budaun Case: साजिद और जावेद ने ही की थी मासूम भाइयों की हत्या, पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट
Tue, 11 Jun 2024 11:23 AM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: मुकेश कुमार
Updated Tue, 11 Jun 2024 11:23 AM IST
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Budaun Double Murder Case
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी जावेद, साजिद
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों की दादी मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि साजिद और जावेद रुपये मांगने के बहाने घर में घुसे थे। रुपये न देने पर दोनों बच्चों की गला रेतकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इसे ही मुख्य साक्ष्य माना है। आरोपियों के मोबाइल फोन की लोकेशन से उनका घटनास्थल पर होना पुष्ट हुआ।
आयुष और आहान के फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आरोपियों के खून से सने कपड़े पुलिस ने बरामद किए। हत्या में प्रयुक्त में चाकू मिल गया है। सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग में घटनास्थल की ओर उनके जाने की पुष्टि भी हुई है। इन साक्ष्यों और बयानों को समेटते हुए पुलिस ने विवेचना की। इस मामले की पुलिस ने 72 पन्नों की चार्जशीट तैयार की है। दो दिन पहले उसे विधिक राय के लिए भेजा गया था। विधिक राय मिलने पर उसे सोमवार को कोर्ट में दाखिल कर दिया गया।
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बदायूं हत्याकांड के बाद की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दो माह से लंबित है पुलिस एनकाउंटर की जांच
19 मई को ही घटना के तीन घंटे बाद साजिद शेखूपुर के जंगल में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। दूसरे दिन डीएम मनोज कुमार ने इसकी मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने एक सूचना सार्वजनिक की थी। कहा गया था कि जो कोई भी व्यक्ति अपने बयान दर्ज कराना चाहता है। वह कार्यालय आकर अपने बयान दर्ज करा सकता है। इस मामले को दो माह से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है।
19 मई को ही घटना के तीन घंटे बाद साजिद शेखूपुर के जंगल में पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। दूसरे दिन डीएम मनोज कुमार ने इसकी मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए थे। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच सिटी मजिस्ट्रेट कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद उन्होंने एक सूचना सार्वजनिक की थी। कहा गया था कि जो कोई भी व्यक्ति अपने बयान दर्ज कराना चाहता है। वह कार्यालय आकर अपने बयान दर्ज करा सकता है। इस मामले को दो माह से ज्यादा समय हो चुका है लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हुई है।
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आरोपी साजिद (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
एनकाउंटर में मारा गया था साजिद
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च 2024 की शाम करीब सात बजे 12 वर्षीय आयुष और उसके छह वर्षीय भाई आहान उर्फ हनी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या घर की दूसरी मंजिल की छत पर हुई थी। उस दौरान घर में बड़ा भाई आयुष, छोटा भाई आहान उर्फ हनी, मझला भाई पीयूष और उनकी मां संगीता, दादी मुन्नी देवी मौजूद थीं। वारदात के कुछ ही घंटों बाद साजिद एनकाउंटर में मारा गया था। जावेद फरार हो गया था।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र की बाबा कॉलोनी में 19 मार्च 2024 की शाम करीब सात बजे 12 वर्षीय आयुष और उसके छह वर्षीय भाई आहान उर्फ हनी की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। हत्या घर की दूसरी मंजिल की छत पर हुई थी। उस दौरान घर में बड़ा भाई आयुष, छोटा भाई आहान उर्फ हनी, मझला भाई पीयूष और उनकी मां संगीता, दादी मुन्नी देवी मौजूद थीं। वारदात के कुछ ही घंटों बाद साजिद एनकाउंटर में मारा गया था। जावेद फरार हो गया था।