बरेली जिले में 45 रोहिंग्या-बांग्लादेशी चिह्नित किए गए हैं। इनमें सर्वाधिक 11 भोजीपुरा थाना क्षेत्र में रहते हैं। सभी की नागरिकता की जांच शुरू हो गई है। शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के शुरुआती दो दिनों में पुलिस को यह सफलता मिली है।
UP: बरेली में दो दिन में 45 रोहिंग्या-बांग्लादेशी चिह्नित, भोजीपुरा में सर्वाधिक 11 मिले, सत्यापन शुरू
बरेली जिले में शासन के निर्देश पर झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश के लिए 15 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। शुरुआती दो दिन में 45 घुसपैठिए चिह्नित किए गए हैं।
इन इलाकों में की गई जांच
अभियान के तहत शाही थाना क्षेत्र में एक स्थान पर 11 लोगों की जांच की गई। इसमें पांच संदिग्ध पाए गए। विशारतगंज में एक, भमोरा में पांच, फरीदपुर में दो, भोजीपुरा में 11, बहेड़ी में तीन, शीशगढ़ में आठ, देवरनियां और शेरगढ़ में चार-चार घुसपैठिए मिले हैं। संदिग्ध लोग विभिन्न स्थानों पर डेरा, झुग्गी, झोपड़ियों में निवास कर रहे हैं। एसएसपी ने बताया कि यह अभियान आंतरिक सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
शासन के निर्देश पर अब जिले में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रहने वाले रोहिंग्या व बांग्लादेशी नागरिकों की तलाश के लिए 15 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। एसएसपी अनुराग आर्य ने थानावार टीम लगाकर विभिन्न बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है। अनधिकृत रूप से जिले में रहने वाले लोगों के प्रमाणपत्र निरस्त कर उन्हें मिल रहीं सरकारी सुविधाएं बंद करने की तैयारी है।
हर थाने में बनाई विशेष टीम
हर थाने में इस अभियान के लिए एसएसपी ने टीम गठित कराई हैं। टीम में एक दरोगा, एक पुरुष मुख्य आरक्षी, दो पुरुष आरक्षी व दो महिला आरक्षी नामित करके टीम का विवरण अपने कार्यालय में तलब किया है। यह टीम इन दिनों में रोज सुबह आठ बजे से 11 बजे तक और रात में आठ बजे से 11 बजे तक पूरे थाना क्षेत्र में भ्रमण कर इन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
- कौन व्यक्ति बाहर से आकर यहां रह रहा है।
- कौन अस्थाई रूप से रह रहा है तथा कौन स्थाई रूप से।
- किस कारण से रह रहा है।
- परिवार सहित रह रहा है या अकेला।
- यदि कोई अजनबी व्यक्ति रह रहा है तो उसके बारे में जानकारी जुटाएंगे।
- ऐसा व्यक्ति जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हो, इसकी जानकारी की जाएगी।
- इन सभी लोगों का सत्यापन संलग्न प्रारूप में किया जाएगा और सत्यापन आख्या 11 जून तक सुबह 10 बजे एसएसपी के वाचक कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी।
- टीम जब भी थाना क्षेत्र में सत्यापन के लिए जाएगी तो स्थानीय अभिसूचना इकाई के संबंधित बीट कर्मी को साथ रखेगी।
- सत्यापन के दौरान विशेष रूप से सड़क किनारे, रेलवे लाइन के किनारे, नदी किनारे, खुले मैदान में, डेरे में, झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को जरूर देख लिया जाए।