बरेली में सिटी रेलवे स्टेशन के पास किशोरी से दुष्कर्म करने वाले आरोपी शख्स को पकड़ना तो दूर, अभी तक उसकी पहचान भी नहीं हो सकी है। जीआरपी के साथ अब पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है। आठ टीमों में बरेली पुलिस की दोनों एसओजी शामिल हैं। पीड़िता ने आरोपी के बारे में जो जानकारी दी है, उसके आधार पर संदिग्धों की धरपकड़ की जा रही है। इधर, शुक्रवार को पीड़िता का ऑपरेशन किया गया तो उसकी ब्लीडिंग बंद हुई। निजी मेडिकल कॉलेज में उसका उपचार चल रहा है। शनिवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जल्द खुलासा करने का निर्देश दिया।
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परिवार के साथ पूर्णागिरी से लौट रही 14 वर्षीय किशोरी के साथ सिटी रेलवे स्टेशन पर हुई दरिंदगी के बाद जीआरपी की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। किशोरी के साथ घटना की जानकारी जीआरपी सिटी स्टेशन प्रभारी आशुतोष शुक्ला को बृहस्पतिवार रात नौ बजे तक हो गई थी। इसके बाद उन्होंने जंक्शन थाना प्रभारी परवेज व अपने उच्चाधिकारियों को सूचना दे दी थी। एसपी जीआरपी भी मुरादाबाद से आ गए लेकिन स्थानीय पुलिस या अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई।
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अस्पताल से निकलते एसपी जीआरपी
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रात करीब साढ़े 12 बजे जब जिला अस्पताल से मेमो कोतवाली पहुंचा तो पुलिस को घटना की जानकारी हुई। करीब चार घंटे के इस अंतराल में ऐसी दुकानें भी बंद हो चुकी थीं, जहां कैमरे लगे थे। वहीं अपने सीमित संसाधनों से केवल स्टेशन पर गतिविधियां देखने वाली जीआरपी के पास आसपास के शातिरों का कोई रिकार्ड भी नहीं था और न ही इधर-उधर भागने के रास्ते पता थे। इस वजह से रात भर की कवायद में कोई सफलता नहीं मिल सकी।
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एसएसपी और एसपी सिटी भी मौके पर पहुंचे
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घटनास्थल पर दिन भर रहीं टीमें, धरपकड़ भी तेज
बृहस्पतिवार रात में मौके पर पहुंचे एसएसपी ने एसपी जीआरपी से बात की। फिर आठ टीमों का गठन किया गया। इनमें चार टीम जीआरपी, दो स्थानीय पुलिस और दो एसओजी की टीम शामिल हैं। शुक्रवार सुबह से ही एसओजी व पुलिस की टीमें सिटी स्टेशन से लेकर मढ़ीनाथ व आगे तक घूमकर मॉनीटरिंग करती रहीं। इस दौरान घटनास्थल का नक्शा बनाने से लेकर आसपास संचालित बीटीएस से यहां रात में सक्रिय मोबाइल नंबरों की जानकारी करने तक के काम किए गए। कोतवाली व सुभाषनगर पुलिस ने स्थानीय मुखबिर भी आरोपी की पहचान के लिए लगाए हैं।
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सिटी रेलवे स्टेशन
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करोड़ों खर्च, फिर भी कैमरों का इंतजाम नहीं
सिटी स्टेशन को कुछ समय पहले ही अमृत भारत योजना के तहत 10 करोड़ 97 लाख रुपये लगाकर चमकाया गया है। स्टेशन अब नए कलेवर में काफी आकर्षक बनाया गया है। यहां नए कैमरे लगाने के लिए फिटिंग भी की गई है लेकिन अब तक एक भी सीसीटीवी नहीं लगाया गया है।
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सिटी रेलवे स्टेशन
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जाहिर है कि ट्रेन काफी समय तक स्टेशन पर खड़ी रही। माना जा रहा है कि इस दौरान आरोपी भी स्टेशन पर रहा होगा। अगर स्टेशन पर सीसीटीवी लगे होते तो उसकी पहचान मिनटों में हो सकती थी। काफी तलाश करने पर आरपीएफ गेट के पास एक कैमरा मिला, जिससे स्टेशन पर आने जाने वालों की गतिविधि पता लग रही थी। हालांकि अंधेरे में इसकी फुटेज स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। अब मढ़ीनाथ के आसपास के इलाके के कैमरे तलाशे जा रहे हैं। इनमें दिखने वाले संदिग्धों के मोबाइल की लोकेशन भी देखी जा रही है।