बरेली-मथुरा हाईवे पर राजकीय मेडिकल कॉलेज के नजदीक मंगलवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार डीसीएम मिनी ट्रक ने कछला से गंगा स्नान करके लौट रहे श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी। इसके बाद दोनों वाहन पलट गए। हादसे में मां-बेटी समेत छह लोगों की मौत हो गई जबकि करीब 30 लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, कछला गंगा स्नान को मंगलवार को कई लोग गए थे, लेकिन किसी को इसका अंदाजा नहीं था कि यह उनका आखिरी सफर होगा। इस हादसे के बाद किसी पिता की बेटी छिन गई तो कई बच्चों के सिर से मां का साया उठ गया। भोगराज के पिता लेखराज एक चीनी मिल में कर्मचारी थे। कुछ साल पहले उनकी मौत हो गई थी। बताते हैं कि उन्होंने अपने खेत में ट्यूबवेल बनवाया था और नया ट्रैक्टर खरीदा था। उनकी इच्छा थी कि घर पर इस उपलक्ष्य में कथा और भंडारे का आयोजन किया जाए।
2 of 9
Budaun Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले कि वह अपनी इच्छा पूरी कर पाते, उनकी मौत हो गई। एक जिम्मेदार बेटे का फर्ज निभाते हुए और पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए भोगराज ने छह जून को अपने घर में कथा और फिर सात जून को भंडारा कराया था।
3 of 9
Budaun Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
इस आयोजन में केवल गांव के ही नहीं, बल्कि आसपास के चार-पांच गांवों के लोगों को भी दावत दी गई थी। सब कुछ ठीक चल रहा था।
4 of 9
Budaun Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को सभी लोगों का कछला गंगा स्नान जाने का कार्यक्रम था, जिसके लिए रिश्तेदार घर पर आ चुके थे। सभी लोगों ने गंगा स्नान कर भी लिया, लेकिन वापसी का सफर छह लोगों की जिंदगी का आखिरी सफर बन गया।
5 of 9
Budaun Road Accident
- फोटो : अमर उजाला
भोगराज की छिनीं मां, अनीता के बच्चे भी हुए बिन मां के
हादसे में जहां भोगराज की मां सुषमा (65) की मौत हो गई वहीं भोगराज की बहन अनीता भी काल का शिकार बन गई। भोगराज को अपनी बुजुर्ग मां के जाने का गम है तो अनीता के पांच बच्चों के सिर से उनकी मां का साया हमेशा के लिए छिन गया है।