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एटीएस ने ढूंढा इनामुल का नया फेसबुक एकाउंट, जाकिर मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को बढ़ा रहा था आगे

Thu, 25 Jun 2020 01:13 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 25 Jun 2020 01:13 AM IST
सार

-शरीयत या शहादत की बुनियाद तैयार कर रहा था इनामुल 
-कई और जेहादियों के बारे में मिली अहम जानकारी, गिरफ्तारी करने की तैयारी में एटीएस

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ATS found new Facebook account of Inamul
इनामुल हक, सलमान खुर्शीद वानी और जाकिर मूसा - फोटो : amar ujala

अंसार गजवा तुल हिंद के अपने आकाओं के इशारे पर बरेली का इनामुल ‘शरीयत या शहादत’ जैसे खतरनाक मिशन पर काम कर रहा था। एटीएस को प्रमाण मिले हैं कि वह लगातार मुस्लिम युवाओं में अपने संपर्क बढ़ाकर उन्हें कट्टर बनाने के लिए जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में बैठकर चलाए जा रहे व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल करा रहा था। एटीएस के सूत्रों का दावा है कि इनामुल से पूछताछ में मिलीं जानकारियां उम्मीद से ज्यादा चौंकाने वाली हैं। तमाम ऐसे लोगों का पता लग रहा है जो उसके साथ राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शरीक थे। जल्द ही बड़े पैमाने पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।


 

ATS found new Facebook account of Inamul
इनामुल हक - फोटो : अमर उजाला

जेहादी इनामुल एटीएस की पकड़ में आने से पहले अपने कई फेसबुक एकाउंट डिलीट कर चुका था लेकिन अब एटीएस ने उसका एक ऐसा फेसबुक एकाउंट ढूंढ निकाला है जिस पर वह दो महीने पहले तक सक्रिय था। इसी एकाउंट से पता लगा है कि इनामुल कश्मीर के युवाओं के साथ मूसा के मिशन ‘शरीयत या शहादत’ को आगे बढ़ा रहा था। 

इस एकाउंट पर इनामुल ने ‘शरीयत या शहादत’ नारे का वॉलपेपर भी लगा रखा है। दरअसल यह नारा अंसार गजवतुल हिंद के मारे गए चीफ जाकिर मूसा का था। दरअसल मूसा कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मनमुटाव के बाद हिजबुल मुजाहिदीन छोड़कर अलकायदा से जुड़ा था जिसके बाद उसे अंसार गजवतुल हिंद का चीफ बना दिया गया था। मूसा ने ‘शरीयत या शहादत’ मुहिम शुरू कर कश्मीर के तमाम युवाओं को इससे जोड़ा। एटीएस इनामुल के इस फेसबुक एकाउंट से जुड़े संदिग्ध लोगों को ट्रेस करने में जुटी है।

ATS found new Facebook account of Inamul
इनामुल हक और सलमान खुर्शीद वानी - फोटो : amar ujala

इनामुल के साथ सोशल मीडिया पर आतंक की बुनियाद तैयार कर रही थी जेहादियों की टोली
इनामुल के कई फेसबुक अकाउंट ब्लॉक होने के बाद एटीएस को अब मोहम्मद इनामुल हक नाम से एक और फेसबुक एकाउंट मिला है जिसमें उसके साथ बरेली और आसपास के जिलों के अलावा कई राज्यों के लोग जुडे़ थे। इस सक्रिय फेसबुक एकाउंट के जरिये एटीएस ने कई और संदिग्धों के नाम ढूंढ निकाले हैं। 

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ATS found new Facebook account of Inamul
इनामुल हक - फोटो : अमर उजाला

इनामुल के इस एकाउंट से दिल्ली का यासिर खान भी जुड़ा है जिसने जर्मनी में अखबार के संपादक पर हमला करने वाले अब्दुल रहमान चीमा को शहीद बताया है। साथ ही दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ किए गए प्रदर्शन के कई वीडियो लाइव चलाकर सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने की कोशिश की है। कोलकाता का एहतशाम उल हक, कानपुर का जाकिर खान और अनंतनाग से फैजू भी इनामुल के इस एकाउंट से जुड़े हैं। तीनों लोग सोशल साइट्स पर सरकार के खिलाफ जहर घोल रहे थे। फैजू की आईडी के कवर पेज पर मूसा का नाम लिखा है। एटीएस इन सभी संदिग्धों की पड़ताल कर रही है।

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इनामुल हक, सलमान खुर्शीद वानी और जाकिर मूसा - फोटो : amar ujala

हन्नान को छोड़ सकती है एटीएस
- एटीएस के एडीजी डीके ठाकुर ने बताया कि इनामुल और वानी से पूछताछ के आधार पर एटीएस आगे की रणनीति तय करेगी। मुरादाबाद से पकड़ा गया हन्नान अभी करीब 17 साल का है। उससे पूछताछ और अब तक की पड़ताल से फिलहाल ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली जो उसका आतंकी गतिविधियों से सीधा ताल्लुक दिखाती हो। इसलिए सही साक्ष्य न मिलने पर उसे छोड़ा जा सकता है।

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