Flood in Ballia: गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ाव होने से तटवर्ती लोगों की मुश्किलें दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। गंगा के जलस्तर में आधा सेमी प्रतिघंटा बढ़ाव हो रहा है। बाढ़ विभाग अधिकारियों ने बताया कि जिले में एचएफ के करीब जलस्तर पहुंचे का अनुमान है। यह स्थिति देख प्रशासन अलर्ट मोड़ में है।
Flood Alert: बलिया में फिर बहे सात मकान...आबादी क्षेत्र में घुसा पानी, 30 गांव बने टापू; तेजी से हो रहा कटान
Flood News: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ का कहर जारी है। बलिया में नदिया उफान पर हैं। इस कारण कई गांवों के संपर्क मार्ग टूट चुके हैं। स्कूलों और काॅलेज में पानी भर जाने से शिक्षा प्रभावित हो रही है।
बैरिया तहसील क्षेत्र के गंगा उस पार चक्की नौरंगा गांव में श्रीकृष्णा चौबे, जयनारायण ठाकुर, गणेश ठाकुर, शिव शंकर ठाकुर, एकराम राम, नंद जी राम और दिनेश राम के मकान नदी में समाहित हो गया। साथ ही उपजाऊ भूमि भी गंगा की भेंट चढ़ने लगा है।
भुवाल छपरा निवासी रमाकांत ठाकुर, ग्राम प्रधान सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि चक्की नौरंगा में ज्यादा मकान काटन की भेंट चढ़ चुका है। कुछ ही मकान शेष है, जो गंगा के किनारे है। केन्द्रीय जल आयोग गायघाट गेज पर सोमवार की शाम 4 बजे गंगा नदी का जलस्तर 59.060 मीटर रिकार्ड किया गया। यहां चेतावनी बिन्दु 56.615 हैं। खतरा बिन्दु 57.615 मीटर व मीडियम फ्लड 58.615 मीटर है।
गंगा नदी इस समय खतरा बिन्दु से 1.445 मीटर ऊपर बह रही है। यहां 2016 में उच्चतम स्तर 60.390 मीटर रिकार्ड किया गया था। नदी के बढ़ाव को देखकर रामगढ़ से लेकर नौरंगा तक के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। सुघर छपरा, दूबे छपरा, गोपालपुर, उदई छपरा, नौरंगा, भुआल छपरा, चक्की नौरंगा, उपाध्याय टोला, नौरंगा, भगवानपुर के लोगों में अपना आशियाना खोने का भय सताने लगा है।
50 गांवों की 60 हजार आबादी गंगा की बाढ़ से प्रभावित
बलिया-बैरिया क्षेत्र के बादिलपुर से लेकर टेंगरही, सतीघाट, भुसौला, नारदरा व गंगा नदी के दक्षिण दिशा में स्थित चक्की नौरंगा तक 50 गांव गंगा की विकराल बाढ़ और कटान से जूझने लगी है। जिसमें 60 हजार की आबादी त्राहि-त्राहि कर रही है। दर्जनों गांव टापू में तब्दील हो गई है। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में 20 हजार पशुओं को हरे चारे का संकट बना हुआ है। चक्की नौरंगा व दूबे छपरा की बाढ़ चौकी सिर्फ कागजों में दौड़ रही है।
चक्की नौरंगा का बाजार हुआ वीरान
चक्की नौरंगा गांव में सोमवार को गंगा की लहरें अपने पूरे उफान पर थी। चक्की नौरंगा का बाजार भी अब वीरान हो चुका है। जहां कभी दुकानदार अपनी दुकानें सजाकर व्यवसाय करते थे, अब वहां टूटे-फूटे सामान और भरे हुए मलबे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। कोई भी दुकान नहीं बची, जो अपनी पहचान बनाए रख सके। व्यापारी अब उम्मीदें छोड़कर पलायन कर चुके हैं। कटान के मुहाने पर बाजार के बिखरने से वहां के लोगों को अपनी रोजमर्रा की खरीदारी करने के लिए बिहार स्थित गौरा बाजार अथवा रामगढ़ व बैरिया आना जाना पड़ रहा है।
सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी, कई गांव बाढ़ की चपेट में
सरयू नदी उफान पर है। जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव से लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है। बाढ़ का पानी भोजपुरवा, कोलकाला, रेगहा, चांदपुर, महाराजपुर, चकविलियम समेत आसपास के कई गांव को चपेट में ले लिया है। सबसे ज्यादा दिक्कत भोजपुरवा गांव के लोगों को झेलनी पड़ रही है।