Flood in Ballia: बलिया में टोंस नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने नगर पंचायत चितबड़ागांव और आसपास के दर्जनों गांवों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। नदी का जलस्तर पिछले कई दिनों से तेजी से बढ़ रहा है, जिसका प्रभाव अब सड़कों, घरों और जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखने लगा है।
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नदी के पानी में डूब रहे हैं घर।
- फोटो : अमर उजाला
नगर पंचायत क्षेत्र को नगवा गाई, अख्तियारपुर, बीबीपुर, बढ़वलिया, टीकरी, मजूरपुर समेत कई गांवों से जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर नदी का पानी चढ़ गया है, जिससे आमजन का आवागमन ठप हो गया है।क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मधो ब्रह्म बाबा का स्थान भी चारों ओर से पानी से घिर गया है, जिससे वहां पूजा-अर्चना पूरी तरह बंद हो चुकी है।
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पानी घर में घुस जाने से परेशान हुए लोग।
- फोटो : अमर उजाला
चितेश्वर नगर वार्ड की हालत और भी चिंताजनक है। नदी के किनारे बसे इस वार्ड के निचले हिस्सों में पानी घरों तक पहुंच चुका है। करीब एक दर्जन परिवारों के घरों में पानी भर गया है और लोग बीमारी फैलने की आशंका से डरे हुए हैं। क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया और अन्य जलजनित रोगों के फैलने का खतरा मंडरा रहा है।
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कई गांवों हो गए जलमग्न।
- फोटो : अमर उजाला
इस स्थिति पर जब नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी सुरेश कुमार मौर्य से बात की गई, तो उन्होंने दावा किया कि नियमित सफाई की जा रही है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में विशेष टीम गठित कर सफाई कार्य कराया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रशासन गंभीर रोगों की आशंका को लेकर सतर्क है।
वहीं] मानपुर ग्राम पंचायत के (भीसापर) में तो हालात और भयावह हैं। यहां भी नदी का पानी घरों में घुस चुका है। कई ग्रामीणों ने अपने घरों की छतों पर अस्थायी ठिकाना बना लिया है। लोगों का आरोप है कि न तो सफाईकर्मी आ रहे हैं और न ही कोई स्वास्थ्य संबंधी सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
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पानी में चलकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर जा रहे लोग।
- फोटो : अमर उजाला
इस संबंध में ग्राम पंचायत अधिकारी प्रभात कुमार ने जानकारी दी कि एक माह पूर्व नाव की व्यवस्था की गई है ताकि आपात स्थिति में लोगों का आवागमन बना रहे। साथ ही सफाई कर्मचारियों को नियमित सफाई के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासनिक दावे सिर्फ कागजों तक सीमित हैं।