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22 लाख का भैंसा! अरे भाई चौंकिए मत, देखना हो तो आइए देश के सबसे बड़े मेलों में से एक बलिया के ददरी मेले में, खुुराक भी है खास

Sat, 28 Nov 2020 07:45 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बलिया Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Sat, 28 Nov 2020 07:45 PM IST
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Crowds flocking to see the buffalo worth 22 lakhs at Dadri fair
ददरी मेले में आकर्षण का केंद्र बना 22 लाख का भैंसा - फोटो : अमर उजाला

बलिया जिले के ऐतिहासिक ददरी मेला के नंदी ग्राम में काजू, किसमिस, सेव और केला खाने वाली पांच लाख् की भैंस के बाद शनिवार को बाइस लाख का भैंसा भी आ गया। अब तक आने वाले पशुओं में सबसे अलग बिक्री के लिए आया भैसा पशु चारा के साथ-साथ मक्के का भात भी खाता है। इतना ही नहीं भैंसा पालक इसके सिमन्स का कारोबार भी करता है और एक भैंस को गर्भवती करने के एवज में पांच रुपये लेता है।



यहीं कारण है कि इस भैंसे के ख्याति तमाम गांवों में पसरी है और दूर दराज के लोग अपनी भैंस को गर्भ दिलाने के लिए भैंसे के पास जाते है। ददरी मेला के नंदी ग्राम में शनिवार को पशु व्यापारियों और लोगों के आर्कषण का केंद्र रहा।
 

Crowds flocking to see the buffalo worth 22 lakhs at Dadri fair
ददरी मेले में आकर्षण का केंद्र बना 22 लाख का भैंसा - फोटो : अमर उजाला

जनपद के मनियर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव निवासी हृदयानंद यादव के इस मुर्रा भैंसा की कीमत 22 लाख रुपये बताई जा रही है। उन्होंने बताया कि भैंसा के साथ एक अन्य भैंस भी हैं, जो 6 लीटर दूध देती हैं। जिसकी कीमत 40 हजार रुपए है। मेले में आए 22 लाख के भैंसा की देखरेख और उसकों चारा-पानी मुहैया कराने के लिए चार लोगों को रखा गया है।

पशुपालक ने बताया कि इसी मेला से चार वर्ष वह बीस हजार रुपये में एक भैंस खरीदकर ले गये थे। जिसके साथ यह बच्चा भी था। आमतौर पर पशुपालक भैंस के पाड़े को बेच देते हैं, लेकिन मैंने इसे पालने का निर्णय किया और चोकर और मक्का का भात खिलाकर इसे हृष्टपुष्ट बनाया।
 

Crowds flocking to see the buffalo worth 22 lakhs at Dadri fair
ददरी मेले में आकर्षण का केंद्र बना 22 लाख का भैंसा - फोटो : अमर उजाला

भैंसा की खासियत बताते हुए कहा कि अबतक इसने गांवों की जितनी भैंसों को गर्भवती किया है, सबने पड़िया को ही जना है। यही कारण है कि गांव के अलावा दूर दराज के क्षेत्रों मसलन, बेरुआरबारी, दुर्गीपुर, बांसडीह, किर्तुपुर,दितौनी आदि गांवों के पशुपालक अपनी वाहन से अपनी भैसों को इसके यहां गर्भाधान के लिए लाते हैं।

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Crowds flocking to see the buffalo worth 22 lakhs at Dadri fair
ददरी मेले में बिक्री के लिए आए घोड़े - फोटो : अमर उजाला

छह दिनों में हुई सात लाख की आय

ददरी मेला के नंदीग्राम में छठवें दिन यानी शुक्रवार को नगर पालिका को एक लाख 66 हजार 750 रुपये की आमदनी हुई, जिसमें 43 हजार 750 रुपये गाय, बैल व भैंस की बिक्री से, जबकि घोड़े की बिक्री से 2250 रुपये की आमदनी हुई। इसके अलावा पशुओं के पंजीकरण से 39 हजार, वाहनों के पंजीकरण से 300 रुपये, गदहा बाजार से 81 हजार और अन्य से 450 रुपये की आय हुई।

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Crowds flocking to see the buffalo worth 22 lakhs at Dadri fair
ददरी मेला - फोटो : अमर उजाला

यह जानकारी नगर पालिका के कैशियर राघव मिश्रा ने दी। उन्होंने बताया कि शनिवार को दोपहर तक गाय, भैंस और बैल की बिक्री से 22500 रुपये एवं घोड़ा की बिक्री से दो हजार रुपये तथा अड़ी से 1800 रुपये की आय हुई थी। इसके पूर्व नंदी ग्राम से नगर पालिका को 5 लाख दस हजार रुपये की आय हुई थी। इस प्रकार अब तक छह दिनों नंदी ग्राम से नगर पालिका को सात लाख तीन हजार पचास रुपये की आय हुई है।

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