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बहराइच हिंसा की तस्वीरें: हंगामा... तोड़फोड़-आगजनी, उपद्रवी हुए हावी; पुलिस-पीएसी खड़ी रही और बवाल होता रहा
Tue, 15 Oct 2024 09:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
अमर उजाला नेटवर्क, बहराइच
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 15 Oct 2024 09:35 AM IST
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Bahraich violence
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस-प्रशासन की नाकामी से ही बहराइच में हिंसा भड़की। प्रतिमा विसर्जन के दिन सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी थे। हिंसा होने का कोई भी इनपुट नहीं था। हैरानी यह है कि सोमवार को दूसरे दिन भी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम करने में अफसर नाकाम साबित हुए। इसलिए दूसरे दिन बवाल, तोड़फोड़ और आगजनी हुई। पूरे मामले में पुलिस का खुफिया तंत्र फेल रहा। पूरे घटनाक्रम में एडीजी जोन से लेकर आईजी और एसपी बहराइच सवालों के घेरे में हैं।
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
नाकामी पर नाकामी
रविवार को पहले दिन हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया था। उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए थे। अफसरों ने दावा किया था कि अब सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। लेकिन सोमवार सुबह जब रामगोपाल का शव घर पहुंचा तो उसके बाद कई घंटे तक गांवों और कस्बों में तोड़फोड़, आगजनी और अराजकता होती रही। दोपहर बाद जब एडीजी एलओ ने मोर्चा संभाला तब जाकर कुछ माहौल शांत हुआ। सवाल है कि आखिर पहले दिन हिंसा के बाद दूसरे दिन लापरवाही क्यों बरती गई? पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की गई? ऐसे तमाम सवाल पुलिस पर उठ रहे हैं।
रविवार को पहले दिन हिंसा के बाद मुख्यमंत्री ने घटना का संज्ञान लिया था। उच्चाधिकारियों को निर्देश दिए थे। अफसरों ने दावा किया था कि अब सुरक्षा के पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। लेकिन सोमवार सुबह जब रामगोपाल का शव घर पहुंचा तो उसके बाद कई घंटे तक गांवों और कस्बों में तोड़फोड़, आगजनी और अराजकता होती रही। दोपहर बाद जब एडीजी एलओ ने मोर्चा संभाला तब जाकर कुछ माहौल शांत हुआ। सवाल है कि आखिर पहले दिन हिंसा के बाद दूसरे दिन लापरवाही क्यों बरती गई? पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती क्यों नहीं की गई? ऐसे तमाम सवाल पुलिस पर उठ रहे हैं।
Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
हर तरह से बरती गई लापरवाही
त्योहार से पहले सीएम ने वीसी की थी, जिसमें जोन, रेंज और जिला कप्तान शामिल हुए थे। विसर्जन पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन हिंसा ने आदेश-निर्देश की धज्जी उड़ा दी। अफसरों की लापरवाही और नाकामी हावी रही।
त्योहार से पहले सीएम ने वीसी की थी, जिसमें जोन, रेंज और जिला कप्तान शामिल हुए थे। विसर्जन पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन हिंसा ने आदेश-निर्देश की धज्जी उड़ा दी। अफसरों की लापरवाही और नाकामी हावी रही।
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Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
गुमटियां पलटीं, उखाड़े झंडे
भीड़ का आक्रोश बेहड़ा में भी देखने को मिला, जहां नाई की दुकान समेत तीन गुमटियों को पलट दिया। यही नहीं, गुमटियों में आगजनी भी की।
भीड़ का आक्रोश बेहड़ा में भी देखने को मिला, जहां नाई की दुकान समेत तीन गुमटियों को पलट दिया। यही नहीं, गुमटियों में आगजनी भी की।
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Bahraich Violence
- फोटो : अमर उजाला
मस्जिद के गेट पर लगा गुंबद क्षतिग्रस्त
आगजनी और हिंसा के बीच जिले के खैरीघाट थाना प्रभारी संजय सिंह की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। इस कारण उपद्रवियों ने मस्जिद गेट पर लगे दो गुंबदों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान शिवपुर बाजार में भी लोग जमा हुए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकी।
आगजनी और हिंसा के बीच जिले के खैरीघाट थाना प्रभारी संजय सिंह की बड़ी लापरवाही देखने को मिली। इस कारण उपद्रवियों ने मस्जिद गेट पर लगे दो गुंबदों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान शिवपुर बाजार में भी लोग जमा हुए। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के पहुंचने से कोई अप्रिय घटना नहीं हो सकी।