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Paper bag day: पॉलिथीन बैन, कपड़े के थैलों और पेपर बैग ने पकड़ी रफ्तार, 12 दिन में लाखों पर पहुंचा कारोबार

Tue, 12 Jul 2022 01:58 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: Dimple Sirohi Updated Tue, 12 Jul 2022 01:58 PM IST
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Paper bag day: Polythene ban, cloth bags and paper bags caught pace
कपड़े के थैले सिलती महिला - फोटो : अमर उजाला

सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा तो जनपद में कपड़े के बैग और पेपर बैग की मांग बढ़ गई है। पिछले 12 दिनों के अंदर ही जनपद में 50 से अधिक फैक्टरियों में कपड़े के थैले और पेपर बैग बनाने का काम शुरू हो गया है। कारोबार भी लाखों पर पहुंच गया।



प्लास्टिक को अलविदा कहने के लिए घर-घर पेपर बैग और कपड़ों के थैले बनाए जाने लगे हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी रोजी-रोटी व आत्मनिर्भर बनने के लिए बड़े पैमाने पर इस काम में जुट गई है। गत एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लग चुका है। पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगने से जहां जनपद में 80 से अधिक थोक विक्रेताओं व दुकानदारों को तकरीबन 30 से 40 लाख का नुकसान पहुंचा है। गोदामों में कूडे़ की तरह पॉलिथीन सड़ रही है। वहीं कपड़ों के थैले व पेपर बैग बनाने वालों की चांदी कट गई है।

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Paper bag day: Polythene ban, cloth bags and paper bags caught pace
कपड़े के थैले - फोटो : अमर उजाला

पॉलिथीन बैन है, थैलों का उपयोग करो
संजय मूर्ति के पास पॉलिथीन थोक विक्रेता व्यापारी पिंटू जैन ने बताया कि सरकार द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के बाद अकेले पांच लाख का नुकसान पहुंचा है, जबकि जनपद में ऐसे बहुत से व्यापारी है, जिनके गोदामों में लाखों की पॉलिथीन कूडे़ की तरह सड़ रही है। उन्होंने दुकानों के बाहर पॉलिथीन बैन है, कृपया थैले का उपयोग करें जैसा स्लोगन लिखवा दिया।

Paper bag day: Polythene ban, cloth bags and paper bags caught pace
fabric - फोटो : अमर उजाला

50 से अधिक जगहों पर बनाएं जा रहे कपड़े के थैले व पेपर बैग
कपड़े के थैले और पेपर बैग बनाने वाले नगर के व्यापारी सचिन के अनुसार सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगने के बाद से ही कपड़ों के थैलों व पेपर बैग की मांग बढ़ गई है। व्यापारी आशीष के अनुसार 12 दिनों के अंदर ही जनपद में 50 लाख से अधिक कपडे़ के थैले व पेपर बैग की ब्रिकी हो चुकी है और आए दिन मांग बढ़ रही है।

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कपड़े के थैले - फोटो : अमर उजाला

वर्ष 2018 में लाए थे मशीन, अब आई काम
दुकानदार आदिश जैन के अनुसार वर्ष 2018 में भी सरकार ने पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाया था। जनपद के बहुत से व्यापारी, दुकानदार कपड़े से थैला बनाने और पेपर बैग बनाने की मशीन खरीद लाए थे, लेकिन उस समय पूर्ण रूप से पॉलिथीन पर प्रतिबंध न लगने की वजह से उन्हें अपनी मशीन बंद करनी पड़ी थी और मांग भी कम थे, लेकिन अब फिर से व्यापारियों व दुकानदारों ने मशीनों को चालू कर दिया है।

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कपड़े के थैले सिलती युवती - फोटो : अमर उजाला

घर में ही बनाते हैं पेपर बैग
भाग्य लक्ष्मी महिला ग्राम संगठन से जुड़ी समूह सखी पूजा, मोनी, राजेंद्री, खूशबू बताती हैं कि घर पर प्रतिदिन न्यूज पेपर आता है, साथ ही सप्ताह में मैगजीन भी आती है। सोचा कि घर पर ही बैठकर पेपर बैग बनाने का काम शुरू किया जाए। साथ ही पड़ोस में रहने वाली महिलाएं भी मेरे घर आकर पेपर बैग बनाने का काम करती हैं।

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