पीसीपीएनडीटी के नोडल अधिकारी ने रविवार को सिविल लाइंस स्थित डॉ. माधवी मित्तल का अल्ट्रासाउंड केंद्र सील कर दिया। अफसरों ने बताया कि सोनोग्राफी पंजीकरण पंजिका अभिलेख न दिखा पाने पर यह कार्रवाई की गई है। रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जाएगा। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ कड़ी छानबीन के बाद की गई इस कार्रवाई की इलाहाबाद मेडिकल एसोसिशन ने निंदा की है।
प्रयागराज में डॉ. माधवी मित्तल का अल्ट्रासाउंड केंद्र सील, अभिलेख न दिखाने पर कार्रवाई
डॉ. तिवारी के मुताबिक रविवार सुबह तक जांच के लिए वांछित अभिलेख उपलब्ध कराने को कहा गया था। रविवार सुबह वह मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के साथ फिर जांच के अल्ट्रासाउंड केंद्र पहुंचे।
वहां सेंटर निदेशक संचालिका डॉ. माधवी मित्तल नहीं थी, लेकिन सोनोग्राफी कक्ष खुला था। यह नियमत: गलत है। दूसरे दिन भी वहां मौजूद कर्मचारी जांच में पंजीकरण, सोनोग्राफी संबंधी विवरण नहीं दे सके। न ही जांच के लिए अभिलेख उपलब्ध कराए। इन गड़बड़ियों पर अल्ट्रासाउंड केंद्र सील किया गया। कार्रवाई के बाद कर्मचारियों ने बताया कि डॉ. माधवी शहर से बाहर गई हैं।
एएमए के सदस्य डॉक्टरों ने कहा, उत्पीड़न की है कार्रवाई
इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के पदाधिकारियों ने अल्ट्रासाउंड केंद्र सील करने को उत्पीड़न की कार्रवाई करार दिया है। एएमए की आपात बैठक में पदाधिकारियों ने कहा कि महिला दिवस पर महिला चिकित्सक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई निंदनीय है। अध्यक्ष डॉ. राधारानी घोष और सचिव डॉ. राजेश मौर्या ने कहा कि डॉ. माधवी शहर के बाहर हैं।स्टाफ ने कंप्यूटर पर विवरण दिखाए लेकिन पंजीकरण पंजिका डॉक्टर के पास थी, इसलिए उसे नहीं दिखाया जा सका। जांच टीम को इस बारे में जानकारी दी गई लेकिन वह नहीं माने। डॉक्टरों ने कहाकि जांच के दौरान किसी तरह की कमी नहीं मिली,यह सिर्फ दबाव बनाने के लिए की गई कार्रवाई है। बैठक में बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।