प्रयागराज में ठंड का कहर बढ़ता ही जा रहा है। 24 घंटे के अंदर ही शनिवार को एक झटके में न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री से नीचे लुढ़क कर रिकार्ड 2.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। बीते दस वर्ष के दौरान दिसंबर माह में इसके पूर्व कभी भी तीन डिग्री के नीचे तापमान नहीं आया था। दिन के समय धुंध और बर्फीली हवाओं की वजह से गलन से जनजीवन बेहाल हो गया। घर के अंदर भी राहत नहीं मिल रही है। सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच ठंड की वजह से जिले में तीन और कौशांबी में चार लोग की मौत भी हुई।
प्रयागराज में टूटा दस वर्ष का रिकॉर्ड, पारा पहुंचा 2.9 पर
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शनिवार का भी अधिकतम पारा शुक्रवार की तर्ज पर ही रहा। शुक्रवार को जहां अधिकतम तापमान 11.7 डिग्री दर्ज किया गया था तो वहीं शनिवार का तापमान 11.9 डिग्री रहा। बताया जा रहा है कि एक दो रोज में तापमान और गिरेगा। ठंड का यह सिलसिला माह भर चलने की उम्मीद जताई गई है। इस बीच जिले में ठंड की वजह से नवाबगंज के नसीरपुर दरगाही गांव में रहने वाले किसान शिव बहादुर पटेल की मौत हो गई। वह सुबह शौच के लिए निकला था। इसी तरह मेजा के डोहरिया गांव के त्रिवेणी प्रसाद विश्वकर्मा भी सुबह शौच के लिए निकले।
बाद में ठंड लगने से उनकी मौत होने की बात कही जा रही है। सोरांव के गघिना गांव के राम पूजन पटेल की भी मौत हो गई। इस बीच शनिवार को धुंध की वजह से सूरज की तपिश नीचे धरती तक नहीं पहुंची। इस वजह से दिन भर लोग ठिठुरते दिखे। चौराहे-चौराहे अलाव के इर्द गिर्द लोगों का हुजूम इकट्ठा रहा। शाम छह बजे कोहरा पड़ने सेे भी लोग परेशान हो उठे। वीकएंड होने के बाद भी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।
मनाली, शिमला, नैनीताल से भी ठंडा रहा प्रयागराज
0 मौसम विभाग की ओर से जारी आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रयागराज और इसके आसपास की ठंड ने मनाली, शिमला और नैनीताल को पीछे छोड़ दिया है। शनिवार को प्रयागराज का न्यूनतम पारा 2.9 डिग्री सेल्सियस तो नैनीताल, मनाली का तीन-तीन एवं शिमला का चार डिग्री रहा। अधिकतम तापमान भी इन पर्वतीय नगरों के मुकाबले प्रयागराज का कम ही रहा। शिमला का 14, नैनीताल-मनाली के 12-12 डिग्री सेल्सियस के मुकाबले संगम नगरी का अधिकतम तापमान शनिवार को 11.9 डिग्री रहा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पहाड़ों पर पड़ रही बर्फबारी की वजह से मैदानी क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है। 31 दिसंबर या एक जनवरी 2020 को हल्की बारिश होने की भी संभावना व्यक्त की जा रही है। मौसम विज्ञानी प्रो. एचएन मिश्र ने बताया कि पछुवा विक्षोभ में हिमालय की बर्फीली हवाओं का प्रवेश हो गया है। इसी वजह से तापमान में गिरावट आई है। अभी और भी गिरावट हो सकती है।
वर्ष 2018 4.5 डिग्री 30 दिसंबर
वर्ष 2017 8.1 डिग्री 27 दिसंबर
वर्ष 2016 8.2 डिग्री 18 दिसंबर
वर्ष 2015 5.8 डिग्री 26 दिसंबर
वर्ष 2014 4.4 डिग्री 26 दिसंबर
वर्ष 2013 4.8 डिग्री 30 दिसंबर
वर्ष 2012 4.9 डिग्री 25 दिसंबर
वर्ष 2011 6.2 डिग्री 22 दिसंबर
वर्ष 2010 8.2 डिग्री 22 दिसंबर
वर्ष 2009 8.6 डिग्री 26 दिसंबर
दिसंबर माह में अब तक का न्यूनतम तापमान 0.7 डिग्री 26 दिसंबर 1961