गंगा और यमुना में लगातार बढ़ता पानी निचले इलाकों में आबादी क्षेत्र तक पहुंच गया। हालात रविवार की अपेक्षा सोमवार को और अधिक चिंताजनक हो गए। दोनों नदियों का पानी दिनभर तेजी से बढ़ता रहा। सोमवार शाम चार बजे तक फाफामऊ में 82.72 मीटर पर और यमुना का जलस्तर नैनी में 82.32 मीटर पर पहुंच गया। छतनाग में गंगा का जलस्तर 81.94 मीटर दर्ज किया गया। नदियों का का चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर पर और खतरे का निशान 84.734 मीटर पर है।
प्रयागराज में गंगा यमुना उफान पर : आबादी क्षेत्र में पहुंचा पानी, बाढ़ चौकियां अलर्ट, एनडीआरएफ तैनात
Prayagraj Flood: संगम नगरी में गंगा-यमुना का बढ़ता दबाव अब डराने लगा है। प्रयागराज के फाफामऊ, नैनी और इलाहाबाद लेवल स्टेशनों पर जलस्तर लगातार ऊपर की ओर दर्ज किया गया है। गंगा-यमुना के बढ़ते पानी के बीच शहर के निचले इलाकों में बाढ़ की विभीषिका साफ दिखाई देने लगी है। संगम क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध लेटे हनुमान मंदिर तक भी पानी पहुंचने से हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
जलभराव का डर, बाशिंदे दरबदर
रविवार को थम-थमकर पांच घंटे हुई बारिश की वजह से शहर के कई इलाकों में फिर जलभराव गया। कालिंदीपुरम में शादाब चौराहे से महर्षि स्कूल रोड तक घरों में पानी घुसने से पहले जैसे हालात पैदा हो गए। परेशानी तब और बढ़ गई जब एक बार की बारिश का पानी निकलते ही कुछ ही घंटे में फिर बारिश होने लगती। लगातार ऐसे हालात बनने से कालिंदीपुरम के लोग घर छोड़कर जाने लगे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जलभराव की समस्या से परेशान होकर नाते-रिश्तेदारों के यहां शरण ले रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग किराये का मकान तलाश रहे हैं। कुछ तो छोड़कर चले भी गए हैं। दिक्कत ये है कि एक बार पानी घर के भीतर भर जाता है तो अगली सुबह सीवर का ढक्कन खोलने पर ही बाहर निकलता है। यह पीड़ा कालिंदीपुरम और आसपास के इलाकों में लगातार बनी हुई है।
तेज बारिश और बढ़ा रही मुसीबत
रविवार को हर घंटे की बारिश लोगों की बेचैनी बढ़ा रही थी। करैलाबाग, इस्लाम नगर, आनंदपुरम जाफरी कॉलोनी, बेनीगंज, राजरूपपुर, कालिंदीपुरम व भावापुर में लोगों के माथे की लकीरें पूरा दिन तनी रहीं। सिर्फ एक घंटे की बारिश में ही नालों का पानी मोहल्लों की गलियों में बहना शुरू हो गया। बारिश बढ़ी तो गलियाें का पानी उफनाकर घरों में पहुंचने लगा।
साउथ मलाका स्थित आजाद स्क्वायर निवासी सिद्धार्थ सौरभ और महेंद्र यादव ने बताया कि तीन दिन से बारिश बराबर हो रही है। घर में घुटने तक पानी भर गया है। ऐसे में समझ में नहीं आ रहा कि क्या करें? एक बार पानी भरने के बाद निकलने में चार से पांच घंटे लग जाते हैं। इसी बीच दोबारा बारिश होने पर पानी फिर भरने लगता है।
शहर के मुख्य मार्ग हुए जलमग्न
लगातार बारिश की वजह से राजरूपपुर पार्षद आवास के आगे, मधवापुर सब्जी मंडी, सीएमपी डिग्री कॉलेज के पास, चिंतामणि रोड, कोठापार्चा, रामबाग, अलोपीबाग, लीडर रोड, हाईकोर्ट पानी टंकी के पास, सुलेम सरायं नेहरू पार्क, रेलवे मुख्यालय डाट पुल के नीचे, मुट्ठीगंज स्थित आर्य कन्या डिग्री कॉलेज के पास, बनर्जी चौराहा व मीरापुर सहित कई इलाकों में पानी भर गया।
जलमग्न हुए मुख्य मार्ग
चौफटका पुल के नीचे, महाराणा प्रताप चौराहा, सीएमपी डिग्री कॉलेज से मधवापुर सब्जी मंडी, मेडिकल चौराहा, बाई का बाग, पत्रिका मार्ग सहित कई मार्गों पर जल भराव हो गया। यहां आवागमन बाधित रहा।
जार्जटाउन व अल्लापुर में बेहतर हुई जल निकासी
हालांकि अल्लापुर व जार्जटाउन में जल निकासी पहले से बेहतर हुई है। अब बारिश के बाद चार से पांच घंटे के भीतर पानी निकलने लगा है। स्थानीय लोगाें ने राहत की सांस ली है।
जल निकासी के लिए नियमित प्रयास किए जा रहे हैं। शिकायत मिलने पर टीम मौके पर पहुंचकर पानी निकालने का काम कर रही हैं। शहर के बड़े नालों की सफाई भी कराई जा रही है। - शादाब असलम, अपर नगर आयुक्त।