अनलॉक-1 में आवाजाही की छूट मिलने के बाद कोरोना का दायरा और बढ़ने का खतरा उत्पन्न हो गया है। एक पखवाड़े के भीतर संक्रमण के आधा दर्जन से अधिक ऐसे केस सामने आए हैं, जिनके सोर्स का पता अभी तक नहीं चल सका है। शहर में बेरोकटोक घूम रहे लोगों में कौन व्यक्ति संक्रमित है और कौन नहीं, इसका पता लगाना मुश्किल है। ऐसे हालात में आप जब भी घर से बाहर निकलें तो मॉस्क लगाने के साथ-साथ सोशल डिस्टेंसिंग का भी पूरा ध्यान रखें।
प्रयागराजः शहर में घूम रहे कोरोना पॉजिटिव, अनलॉक में आवाजाही में छूट के चलते तेजी से बढ़ रहे मरीज
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विगत 14 जून को टैगोर टाउन स्थित निजी अस्पताल में आंत की सर्ज के लिए भर्ती एक आठ माह के बच्चे में कोरोना के लक्षण पाए गए थे, जबकि उसके माता-पिता अथवा परिवार का कोई भी व्यक्ति पॉजिटिव नहीं है। चिकित्सक बच्चे के संक्रमित होने को लेकर हैरान हैं। सल्लाहपुर इलाके का यह पहला केस भी है। हालांकि बच्चे की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसकी मां और परिवार वालों की जांच कराई जा रही है।
इसके दो दिन पहले अशोक नगर की पत्रकार कॉलोनी में पॉजिटिव आए 39 वर्ष के युवक के सोर्स का भी पता नहीं चला है। युवक बाहर सब्जी लेने के लिए निकलता था। इसके पहले डफरिन अस्पताल की वार्ड आया, डफरिन अस्पताल की नर्स, नखासकोहना स्थित मयंक नर्सिग होम के संचालक, करेली की 55 वर्षीय महिला, चोरी के आरोप में जेल में बंद करेली का युवक के सोर्स का पता स्वास्थ्य विभाग नहीं लगा है।
इसी प्रकार लूकरगंज के इंजीनियर भी कैसे संक्रमित हुए, यह भी आज तक पहली बना हुआ है। जबकि इंजीनियर के परिवार के साथ उनके घर में खाना बनाने वाली नौकरानी और उसकी बेटी भी संक्रमित होने के बाद ठीक होकर घर चली गईं, लेकिन सोर्स की तलाश होती रही।
अनलॉक होने से कोरोना वायरस का संवाहक कौन और कहां है, यह किसी को पता नहीं है। अधिकतर मामलों में इसके लक्षण भी नहीं नजर आते हैं। ऐसे में किसको कोरोना है और किसको नहीं है, यह बिना जांच के पता नहीं चल सकेगा।
कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय का भी यही मानना है। उनका कहना है कि कोरोना के कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जिनके सोर्स का पता अभी तक नहीं चला है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार संक्रमितों की तलाश की जा रही है। इसलिए बड़े पैमाने पर शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों के स्वाब सैंपल लिए जा रहे हैं।