माघ मेले के तीसरे सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर मौन डुबकी मंगलवार को लगी, लेकिन इससे पहले ही संगम पर आस्था का ज्वार उमड़ पड़ा। सोमवार को संगम समेत पांच सेक्टरों में बने स्नान घाटों पर कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची। कल रात 12 बजे से आज शाम चार बजे तक लगभग 95 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। कुल का मिलाकर आज मंगलवार शाम चार बजे तक लगभग एक करोड़ 45 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
Mauni Amavasya 2022 : संगम पर मौन डुबकी के लिए लाखों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़
संगम जाने वाली सड़कों से लेकर पांटून पुलों तक श्रद्धालुओं सिर्फ श्रद्धालुओं का कारवां चलता रहा। सिर पर गठरी, झोला लिए लोग से मौन डुबकी के संकल्पों को पूरा करने के लिए बढ़ते रहे।
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मेला प्रशासन ने 45 लाख श्रद्धालुओं के एक दिन पहले ही डुबकी लगाने का किया दावा
अमावस्या लगने की वजह से संगम पर सोमवार को ही मौन डुबकी लगने लगी। त्रिवेणी संगम समेत गंगा के नौ स्नान घाटों पर मेला प्रशासन ने देर शाम तक 45 लाख श्रद्धालुओं के पुण्य की डुबकी लगाने का दावा किया।
स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए गोताखोर तैनात
मेला क्षेत्र में बनाए गए स्नान घाटों पर भीड़ के मद्देनदर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जल पुलिस के जवानों के अलावा प्रशिक्षित गोताखोरों को भी स्नान घाटों पर तैनात किया गया है। साथ ही सफाई के लिए कर्मियों की शिफ्ट वाइज तैनाती की गई है, ताकि आस्था के मेले से स्वच्छता का संदेश दिया जा सके।
भीड़ नियंत्रण के लिए लगेंगे लाउड हेलर, अफसरों को समन्वय बनाने का निर्देश
मौनी अमावस्या पर भीड़ पर नियंत्रण के लिए लाउड हेलर के अलावा रस्सी का उपयोग किया जाएगा। मेला क्षेत्र से भीड़ को निकालने के बाद श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन एवं बस स्टेशन तक चिह्नित मार्गों से ही ले जाने की हिदायत दी गई है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था फैलने पाए। साथ ही विभागीय अधिकारियों से समन्वय बनाने के लिए एक-दूसरे का नंबर अपने पास रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मंडलायुक्त ने की मौनी अमावस्या स्नान की तैयारियों की समीक्षा
मंडलायुक्त संजय गोयल ने सोमवार को ट्रिपलआईसी सभागार में मौनी अमावस्या स्नान की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिक भीड़भाड़ वाले इलाकों में आपातकालीन स्थिति से निबटने के लिए कंटीजेंसी प्लान का उपयोग करने, मेडिकल इमरजेंसी पड़ने पर सेक्टरवाइज एंबुलेंस का उपयोग करने के साथ ही मेला के सभी प्रवेश द्वारों और घाटों पर कोविड हेल्प डेस्क को चौबीस घंटे सक्रिय रखने के भी निर्देश दिए। इस समीक्षा बैठक में डीएम संजय खत्री, एसएसपी अजय कुमार मेलाधिकारी अरविंद चौहान, एसपी मेला राजीव नारायण मिश्रा समेत कई अफसर उपस्थित थे।
- 5,000 से अधिक जवानों ने संभाली मौनी अमावस्या स्नान पर्व की सुरक्षा
- 09 घाटों पर मौन डुबकी के लिए मेला प्रशासन ने किए इंतजाम
- 22 स्थानों पर कोविड-19 की टेस्टिंग और स्क्रीनिंग सेंटर बनाए गए
- 24 जगह मेला क्षेत्र में कोविड हेल्प डेस्क की गई स्थापित
- 30 एंबुलेंस संगम समेत हर मेला सेक्टर में लगाई गई