कौशांबी विस्फोट का भयावह मंजर: रॉकेट लॉन्चर जैसा हमला... 100 मीटर तक दीवारों में सुराग, 500 मी. दूर गिरी ईंटें
एक शक्तिशाली विस्फोट से घरों को भारी नुकसान हुआ, मलबा दूर तक फैला। एक बाइक सवार घायल हुआ। दहशत में लोग भागे, एक परिवार हादसे का शिकार।
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घटना स्थल से तकरीबन 100 मीटर दूरी पर स्थित सोम्मारी के घर की दीवारों में बड़े-बड़े सुराख बन गए। उन्होंने बताया कि धमाके बाद दीवारों पर पत्थर से हमले जैसे लगा। परिवार समेत वह बाहर भागे। धुएं से अंधेरा छाया था। बच्चे रोने लगे थे। शाम तक पूरा परिवार सड़क पर ही बैठा रहा।
विस्फोट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना स्थल से करीब पांच सौ मीटर दूर स्थित ओवरब्रिज पर ईंटो के टुकड़े गिरे। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों की बुनियादें हिल गईं। दिन में अंधेरा था। शाम तक भीड़ जुटी रही।
दूर-दूर से लोग आते रहे। जितने मुंह, दहशत की उतनी कहानियां सामने आईं। घटना के समय करीब चार सौ मीटर दूर एक बाइक सवार गुजर रहा था, जिसका ईंट से सिर फट गया।
चश्मदीद: रानी बोलीं- बच्ची को घसीटते हुए भागी थीं
जिस मकान में विस्फोट हुआ, उससे करीब 20 मीटर की दूरी पर रानी का मकान है। उन्होंने बताया कि वह घर पर खाना बना रहीं थीं। विस्फोट होते ही पड़ोस की एक बच्ची दौड़ते हुए उनके घर में घुस गई। इतने में वह बच्ची को घसीटते हुए भागीं। पति और एक बेटा भी बाहर आ गए। उन्होंने बताया कि ईश्वर की कृपा रही कि वह सब बच गए। लेकिन बच्ची का परिवार हादसे का शिकार हो गया।
2024 में 12 लोगों की मौत से दहल उठा था भरवारी
25 फरवरी 2024 को भरवारी कस्बे के खल्लाबाद मोहल्ले में पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट से पूरा इलाका दहल उठा था। सुबह करीब 11 बजे हुए धमाके में फैक्टरी मालिक समेत सात लोगों की मौके पर मौत हो गई थी। गंभीर रूप से झुलसे पांच अन्य मजदूरों ने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। इस हादसे में कुल 12 लोगों की जान गई थी।
विस्फोट इतना जबरदस्त था कि कई मजदूरों के चीथड़े उड़ गए। शव और शरीर के अंग करीब 200 मीटर दूर खेतों तक बिखरे मिले थे। हादसे के बाद फैक्टरी में करीब चार घंटे तक रुक-रुक कर धमाके होते रहे। आग बुझाने और अंदर फंसे लोगों को निकालने के लिए कौशांबी, फतेहपुर और प्रयागराज की दमकल टीमें कई घंटे तक जुटी रहीं।
जनरेटर की चिंगारी बनी थी वजह
पुलिस की शुरुआती जांच में जनरेटर से निकली चिंगारी से आग लगने की आशंका जताई गई थी। आग ने फैक्टरी में रखे पटाखों को चपेट में ले लिया, जिसके बाद विस्फोट होने लगे। वहीं घटना के समय करीब 15 मजदूर फैक्टरी में काम कर रहे थे।