संगम पर महाशिवरात्रि की डुबकी से माघ मेला पूरा, लाखों श्रद्धालु उमड़े
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संगम से रामघाट के बीच बने स्नान घाटों पर आस्थावानों की भीड़ दिन भर स्नान, अर्घ्य, दीपदान के साथ रेती पर शिवलिंग बनाकर पूजा, आरती करती रही। शाम तक मेला प्रशासन ने 5.50 लाख श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान व्यक्त किया। इसी के साथ पौष पूर्णिमा से आरंभ माघ मेला पूरा हो गया। शिवालयों में भी रुद्राभिषेक के लिए शिवभक्तों का तांता लगा रहा।
फाल्गुन शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी में ही महाशिवरात्रि पर्व के स्नान और पूजन का महत्व है। यह तिथि शुक्रवार की शाम पांच बजे के बाद आरंभ हुई लेकिन भोर से ही संगम पर पहुंचे श्रद्धालुओं ने डुबकी के लिए चतुर्दशी का इंतजार नहीं किया। भोर से ही स्नान आरंभ हो गया। संगम समेत 10 स्नान घाटों पर श्रद्धालु डुबकी लगाने के साथ ही शिव और गंगा पूजन कर मनोकामना पूर्ति की अर्जी लगाते रहे।
संगम पर रेत से शिवलिंग बनाकर दीपदान और आरती उतारी जा रही थी। उसी भीड़ में लोग जप, दान और ध्यान भी करते रहे। कोई बिछड़ रहा था तो कोई एनाउंसमेंट के बाद संगम टावर पर अपनों से मिलकर नेह के आंसुओं में भीग रहा था। संग की सक्युलेटिंग एरिया में संस्कारों के लिए भी जगह-जगह भीड़ लगी रही। कहीं मुंडन संस्कार तो कहीं उपनयन संस्कार के लिए वेदियों पर मंत्रोच्चार गूंज रहे थे।
-5.50 लाख श्रद्धालुओं के महाशिवरात्रि पर्व पर संगम में डुबकी लगाने का अनुमान
-10 स्नान घाटों पर लगी महाशिवरात्रि पर्व की डुबकी
-08 मजिस्ट्रेटों के हवाले रही मेलाक्षेत्र की व्यवस्था
इस स्नान पर्व के बाद से ही पांटून पुलों से पीपे निकलने लगेंगे।