फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Kaushambi Cracker Factory Blast Sanjana Loses Her Entire Family T-Shirt from Father Becomes Her Last Gift

पटाखा फैक्टरी में धमाका: नेवर लुक बैक... और उजड़ गया संजना का संसार, पिता के दिए नए कपड़े पहनकर निकली थी बेटी

Wed, 02 Sep 2026 05:35 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी
अमर उजाला नेटवर्क, कौशांबी Published by: Sharukh Khan Updated Wed, 02 Sep 2026 05:35 PM IST
सार

कौशांबी में पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद उसके कारोबार को लेकर पड़ोस के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब छह महीने पहले ही नौशाद ने यहां नया ठिकाना बनाया था। इससे पहले वह क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पटाखा कारखाना संचालित करता था।

विज्ञापन
Kaushambi Cracker Factory Blast Sanjana Loses Her Entire Family  T-Shirt from Father Becomes Her Last Gift
Kaushambi Cracker Factory Blast - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

संजना (15) ने रक्षाबंधन से दो दिन पहले पिता के दिए कपड़े पहने थे, उसकी टीशर्ट पर नेवर लुक बैक यानी कभी पीछे मुड़कर मत देखना लिखा था। संजना को नहीं मालूम था कि ये टीशर्ट पिता से मिला उसे आखिरी तोहफा होगा। कौशांबी के मंझनपुर के मनौरी हादसे ने उसकी जिंदगी बदल दी। हादसे में उसने अपना पूरा परिवार खो दिया। टीशर्ट पर लिखी पीछे मुड़कर मत देखना बात भले उसे आगे का रास्ता दिखाए लेकिन हादसे को याद करते हुए वह कांप जाती है।
विज्ञापन


चरवा के पंसौर निवासी रेलकर्मी विक्रम सरोज परिवार के साथ मनौरी बाजार में मकान बनाकर रहते थे। पिता रामपाल के वीआरएस लेने के बाद विक्रम को मनौरी रेलवे स्टेशन पर ट्रैकमैन के पद पर तैनाती मिली थी। परिवार में पत्नी अंजू, दो बेटे शिवांश और अंश व 15 वर्षीय बेटी संजना थे। 
विज्ञापन


मनौरी बाजार की पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट से विक्रम घर पर खाना खाने आए थे। मंगलवार को संजना ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले पिता के कहने पर वह दुकान से सामान लेने चली गई थी। इसी दौरान तेज धमाका हुआ। वह दौड़कर घर पहुंची। सामने का मंजर देख दंग रह गई। चारों तरफ चीख-पुकार और तबाही थी। उसने घरवालों की तलाश की लेकिन कोई नहीं मिला। 
विज्ञापन
विज्ञापन

छह महीने पहले ही नौशाद ने नए ठिकाने पर शुरू किया था पटाखे का कारोबार
पटाखा फैक्टरी में विस्फोट के बाद उसके कारोबार को लेकर पड़ोस के एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब छह महीने पहले ही नौशाद ने यहां नया ठिकाना बनाया था। इससे पहले वह क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर पटाखा कारखाना संचालित करता था। पहले भी उसके कारखानों में घटनाएं हो चुकी थीं। वहां हुए विरोध के बाद उसने यह जगह चुनी थी। 

 

पड़ोसी के अनुसार, नए ठिकाने पर बाहर से आए लोग मकान बनाकर रह रहे थे। बीच में एक परिवार ने फैक्टरी के संचालन का विरोध करते हुए पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। नौशाद ने अपनी जमीन के अलावा बगल का एक मकान भी किराये पर ले रखा था, जिसका इस्तेमाल गोदाम के रूप में किया जा रहा था। पड़ोसी के अनुसार, यहां हर दिन तिरपाल से ढकी गाड़ियां आती-जाती थीं। 

कौशाम्बी के अवैध पटाखा फैक्टरी धमाके में दो और लोगों की मौत
कौशाम्बी के महमूदपुर मनौरी गांव में सोमवार को अवैध पटाखा फैक्टरी में हुए भीषण विस्फोट में दो और लोगों की मौत हुई है। लापता दिव्यांग मजदूर के शव के अवशेष से मंगलवार को उसकी पहचान हुई। एक राजमिस्त्री ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मृतकों की संख्या 13 हो गई है। उधर, मुख्य आरोपी नौशाद मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया गया। उसके व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया है।

 

चरवा कोतवाली इलाके के पक्सराई गांव निवासी सुनील कुमार कुशवाहा (32) घटनास्थल के पास स्थित बूंदी कारखाने में मजदूरी करते थे। वह एक पैर से दिव्यांग थे। हादसे के बाद से लापता थे। सोमवार को मलबे में कुछ क्षत-विक्षत अंग मिले थे। उन्हें मोर्चरी में रखवाया गया था। मंगलवार को सुनील के पैर की मुड़ी हुई अंगुलियां देखकर पिता ने बेटे की पहचान की।

 

वहीं, विस्फोट में गंभीर रूप से घायल पड़ोसी राजमिस्त्री राजेश कुमार (35) ने प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में दम तोड़ दिया। इधर, पुलिस ने फरार मुख्य आरोपी नौशाद अली को मंगलवार सुबह मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान नौशाद ने फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। उसके कब्जे से तमंचा और कारतूस बरामद हुए। 

 

इसके साथ ही एक दिन पहले हिरासत में ली गई घटना की अन्य आरोपी शबाना और साइना को जेल भेज दिया गया। दोनों नौशाद के भाई शकील की पत्नी और बेटी हैं। शकील समेत तीन अन्य फरार आरोपियों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
 

पिपरी थाना प्रभारी समेत सात पुलिसकर्मी निलंबित
एयरफोर्स स्टेशन जैसे संवेदनशील इलाके में भारी-भरकम विस्फोटक जमा होने के मामले में पुलिस पर भी कार्रवाई हुई। आईजी अजय कुमार मिश्र ने समय रहते कार्रवाई न करने पर पिपरी थाना प्रभारी विकास सिंह, चायल चौकी इंचार्ज अमित द्विवेदी, चरवा चौकी प्रभारी विनय सिंह, महगांव चौकी प्रभारी अजीत कुमार सिंह, सैनी चौकी प्रभारी अभिषेक गुप्ता, बिदांव चौकी प्रभारी मनीष पाल, तत्कालीन पिपरी थाना प्रभारी शिवचरण राम को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed