माघी पूर्णिमा के पावन पर्व पर गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर आस्था का सागर हिलोरें मार रहा है। आधी रात से ही भक्त कल्पवास की आखिरी डुबकी लगाने के लिए पहुंचने लगे हैं। हर कोई बस संगम में आस्था की डुबकी लगाकर अपने तनमन को पवित्र करना चाहता है। शनिवार आधी रात से ही संगम तट पर स्नान, ध्यान के साथ रेती पर सत्यनारायण भगवान की कथाएं हो रही हैं। शिविरों में भी महीने भर से चल रहे यज्ञ और कथाओं, अनुष्ठानों की पूर्णाहुति शुरू हो गई है। शिविरों से सामान समेटे जाने लगे हैं।
माघी पूर्णिमा: संगम पर संतों-भक्तों पर हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश, शुरू हुई अनुष्ठानों की पूर्णाहुति
एक तरफ भक्त इस पर्व में डूबे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर योगी सरकार भी उनकी सुविधा और खुशियों को लिए हर कुछ करने को तैयार है। शनिवार सुबह से यूपी सरकार की ओर से संगम तट पर संतो-भक्तों पर फूलों की बारिश कराई जा रही है।
तीर्थराज प्रयागराज में माघी पूर्णिमा के पावन अवसर कल्पवासियों तथा श्रद्धालुओं पर 'पुष्पवर्षा' भारतीय सनातन संस्कृति का वंदन है।
पवित्र संगम में आस्था और विश्वास की डुबकी सभी के लिए मंगलकारी हो। pic.twitter.com/wELy6Ghd4S