कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ने से रोकने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार के लॉक डाउन के बाद सोमवार को लोग घरों में कैद हो गए। सुबह सिविल लाइंस और कलेक्ट्रेट समेत कई इलाकों में पुलिस ने बैरिकेडिंग कर नाकाबंदी कर दी। इससे लोगों की एक से दूसरे मुहल्ले में आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। रोजमर्रा की वस्तुओं के लिए भी लोग परेशान होने लगे। रास्ता रोके जाने से और लोगों को घर के लिए वापस किए जाने से कई जगह कहासुनी भी हुई।
#LadengeCoronaSe: लोग घरों में कैद, प्रयागराज में सड़कों पर सन्नाटे की चादर
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जनता कर्फ्यू के बाद प्रयागराज को पूरी तर लॉक डाउन किए जाने से जन जीवन पर असर पड़ गया है। हर तरफ दहशत और चिंता का माहौल बन गया है। लॉक डाउन के पहले दिन बैंक, अस्पताल और नगर निगम दफ्तर के अलावा सबकुछ ठप रहा। पुलिस तिराहों, चौराहों पर मुस्तैद रही। बाबा चौराहा, एजी ऑफिस, सुभाष चौराहा, जानसेनगंज चौराहा, बालसन चौराहा, बैरहना चौराहा, कलेक्ट्रेट समेत कई इलाकों में बैरिकेडिंग कर दी गई।
घरों से निकलने वालों को वापस किया जाता रहा। कई जरह वाहनों को रोक कर पुलिस कर्मी कागज दिखाने के नाम पर भी लोगों को परेशान करते रहे। जीरो रोड के अनिल कुमार की बाइक का पुलिस ने तेलियरगंज के पास यातायात संकेतकों के उल्लंघन के आरोप में जबरिया चालान कर दिया। इसी तरह नवाब यूसुफ रोड पर रेलवे स्टेशन गेट के पास बैरिकेडिंग लगाकर खड़े पुलिस कर्मी कार चालकों को रोककर उन्हें लॉक डाउन के बावत लौटाते रहे।
हमेशा भीड़ से पैक रहने वाली सड़कें इस दिन पूरी तरह खाली रहीं। हर तिराहे, चौराहे पर पुलिस कर्मी लोगों को आगे बढ़ने से मना करते रहे। पुलिस वाहनों से पेट्रोलिंग कर सड़कों पर सब्जी और फलों के ठेले लेकर चलने वालों को भी वापस किया जाता रहा। निरंजन सिनेमा से लेकर जानसेनगंज, घंटाघर तक वाली रोड पर इक्का-दुक्का बाइक व कुछ लोग ही सड़कों पर गुजरते दिखे।
जवाहर स्क्वायर मार्केट में भी सन्नाटा पसरा रहा। इस गली के अंकुर टंडन ने बताया कि लॉक डाउन की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। खास तौर से जरूरत के सामान भी नहीं मिल रहे हैं। मुख्य बाजार की दुकानें तो बंद ही हैं, गलियों में जहां फुटकर सामान मिल भी सकते हैं, वहां जाने नहीं दिया जा रहा है।
लोकनाथ चौराहा भी उदासी की चादर ओढ़े ठहरा नजर आया। बजाजापट्टी मार्केट हो या कोतवाली रोड या फिर बहादुरगंज वाली सड़क, हर तरफ एक सन्नाटे केबीच लोग परेशान दिखे। प्रयाग सराफा मंडल के उपाध्यक्ष 65 वर्षीय दिनेश सिंह बताते हैं कि कोरोना वायरस केचलते ऐसा खौफ अपने जीवन में उन्होंने पहली बार देखा है।