जिले के शहर या ग्रामीण इलाकों में दूसरे प्रांतों से आए लोगों की वजह से स्थिति खतरनाक हो चुकी है। दिल्ली, मुंबई से बड़ी संख्या में लोग यहां आएं हैं। इनमें से कोई एक भी संक्रमित होगा तो बीमारी पूरे जिले को अपनी चपेट में ले सकती है। फिलहाल प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से सतर्कता बरतने का दावा किया जा रहा है लेकिन, जानकारों का मामना है कि जिले के लिए 15 दिन सबसे गंभीर हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पलायन से बहुत ही सजग रहने की जरूरत है। सरकार को और सख्ती बरतने की जरूरत है। वरना हालात अमेरिका, इटली की तरह हो सकते हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के पूर्व सीएमओ डॉ. निसार अहमद कहते हैं कि सरकार ने पहले इस तरफ ध्यान ही नहीं दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दौरे के दौरान ही अगर बाहर से आने वाले लोगों की जांच कर उन्हें एयरपोर्ट पर ही आइसोलेट कर दिया जाता तो बीमारी ही नहीं फैलती। अब बीमारी फैल गई तो दिल्ली, मुंबई, पुणे जैसे शहरों से लोगों का पलायन होना बहुत ही गंभीर बात है। अब ये बीमारी ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर घर-घर फैलेगी।
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दुनिया के दूसरों मुल्कों में जहां यह बीमारी पहले फैली है, वहां पर इन्हीं सब लापरवाहियों से हालात बदतर हुए हैं। सरकार लॉकडाउन के पहले ही दो-तीन दिनों की छूट देकर लोगों को अपने घरों को भेज देती तो ठीक रहता लेकिन, अब लोग स्वयं ही अपने घरों को जाने लगे तो सरकार ने भी मदद दे दी। इससे तो खतरा व्यापक हो गया है। आने वाले कुछ दिन और ज्यादा खतरनाक हैं। अफसोस है कि बीमारी का न तो उपचार है, न जांच की पर्याप्त सुविधा है और न उपचार करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त व्यवस्था। ऐसी दशा में देश के हालात ईरान, अमेरिका, इटली की तरह न पहुंच जाए। जिला प्रशासन को स्वास्थ्य अधिकारियों से परामर्श कर जरूरी कदम तुरंत उठाने की जरूरत है।
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लाकडाउन के दौरान राजस्थान के अजमेर से निकले मजदूर लगातार चलकर बनारस जाते हुए।
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पूर्व अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जीके पाठक कहते हैं कि यह प्रशासन की असफलता है। यह व्यवस्था उनकी लापरवाही से खराब हुई है। लेकिन सरकारों ने खुद ही मदद कर बीमारी को पूरे देश में फैलने का मौका दिया है। बेहतर होता कि सरकारें मिलकर दिल्ली, मुंबई से पलायन कर रहे लोगों को जो जहां था, वहीं रोक देतीं और उन्हें खाने, पीने का इंतजाम कर देतीं। वे आइसोलेट रहते। अब जिस तरह से लोग बड़े शहरों से गांवों की तरफ आए हैं। इससे संक्रमण फैलने की संभावना पूरी है। ऐसे में लोग खुद भी सतर्क रहें। प्रशासन को और सख्ती बरतने की जरूरत है। जिससे की लॉकडाउन बना रहे नहीं तो हालात अमेरिका, इंग्लैंड, इटली, स्पेन, ईरान जैसे मुल्कों की तरह हो सकते हैं।