गंगा-यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी बुधवार को एक दिन पहले की अपेक्षा कुछ धीमी रही, लेकिन शाम तक दोनों नदियाें ने फिर तेजी पकड़ ली। पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 24 तथा यमुना में 11 सेमी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका नतीजा है कि कोरांव को छोड़कर जिले की शेष सात तहसीलें बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। 98 मोहल्ले और गांव तो पूरी तरह से बाढ़ में घिर गए हैं।
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prayagraj news : गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण छोटा बघाड़ा क्षेत्र में घर के एक तल डूब गए हैं।
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जिले में गंगा और यमुना दोनों ही नदियां खतरे के निशान से सवा मीटर से भी अधिक ऊंचाई से बह रही हैं। दोनों नदियों का खतरे का निशान 84.73 मीटर है। इसके विपरीत सिंचाई विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार मंगलवार की रात 10 बजे फाफामऊ में जलस्तर 85.86, छतनाग में 85.07 तथा नैनी में 85.68 मीटर था। वहीं बुधवार की रात 10 बजे फाफामऊ में जलस्तर 86.06, छतनाग में 85.32 तथा नैनी में 85.80 मीटर पहुंच गया। इस दौरान नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव भी जारी रहा।
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prayagraj news : करेली स्थित गौस नगर में बाढ़ का पानी पहुंच जाने से घरों में कैद रहने को मजबूूर लोग।
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मंगलवार की रात में नैनी में जलस्तर स्थिर रहा। वहीं गंगा के जलस्तर में प्रति घंटा आधा से एक सेमी की बढ़ोतरी जारी रही। हालांकि बुधवार को सुबह छह बजे तीनों नदियों के जलस्तर पर बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस समय फाफामऊ में जलस्तर 86.02, छतना में 85.17 तथा नैनी में 85.72 मीटर रहा। 10 बजे तक दोनों नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही लेकिन दिन में 12 बजे के आंकड़े कुछ राहत देने वाले रहे।
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prayagraj news : सलोरी इलाके में बाढ़ के पानी में लोगों के घर डूूब जाने के कारण घरों में कैद रहने को मजबूर लोग।
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फाफामऊ में जलस्तर में प्रति घंटा एक सेमी की कमी दर्ज की गई। हालांकि अन्य दोनों स्थानों पर जलस्तर में बढ़ोतरी का क्रम जारी रहा। दिन में चार बजे जलस्तर में कमी तो दर्ज नहीं की गई लेकिन गंगा एवं यमुना दोनों नदियों का जलस्तर स्थिर हो गया था। सिर्फ छतनाग में प्रति घंटा एक सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। चूंकि ऊपर से भी पानी छोड़े जाने की सूचना नहीं है।
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prayagraj news : यमुना के जलस्तर में वृद्घि के कारण पुराने यमुना पुल के पास कुछ ऐसा दिखा नजारा।
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ऐसे में इसके जलस्तर में कमी की उम्मीद की जा रही थी लेकिन शाम छह बजे की रिपोर्ट ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस दौरान फाफामऊ एवं नैनी के जलस्तर में प्रति घंटा आधा सेमी तथा छतनाग में एक सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रात आठ बजे भी जलस्तर में बढ़ोतरी का यही ट्रेंड बना रहा और फाफामऊ में जलस्तर 86.05 मीटर तक पहुंच गया। छतनाग में जलस्तर 85.31 तथा नैनी में 85.79 मीटर दर्ज किया गया। अफसरों का कहना है कि पीछे की तरफ दोनों नदियों में पानी नहीं छोड़ा गया है। लगातार बारिश की वजह से जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।