माघ मेला के त्रिवेणी रोड स्थित स्वामी वासुदेनवानंद सरस्वती के शिविर में लगी आग में दो वीआईपी टेंट जलकर राख हो गए। घटना में कोई हताहत तो नहीं हुआ लेकिन, टेंट में रखा सामान आग की भेंट चढ़ गया। घटना का कारण नहीं पता चल सका।
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- फोटो : प्रयागराज
स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती का शिविर माघ मेले के सेक्टर तीन में त्रिवेणी रोड पर स्थित है। यहां उनके अलावा बड़ी संख्या में संत भी रहते हैं। जिनके रहने के लिए पांच दरबारी टेंट भी लगाए गए हैं। रोज की तरह सुबह पूजन-अर्चन के बाद सभी लोग अपने-अपने कार्यो में जुटे थे। तभी करीब 11.30 बजे अचानक एक दरबारी टेंट में आग लग गई। जब तक शिविर में रहने वालों को जानकारी होती, आग बगल में स्थित दूसरे टेंट को भी चपेट में ले चुकी थी। दोनों टेंटों से आग की लपटें उठती दिखाई दीं तो वहां चीखपुकार मच गई। शिविर में रहने वालों के साथ ही आसपास रहने वाले भी पानी व बालू आदि फेंककर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। उधर, सूचना पर करीब 15 मिनट बाद फायर ब्रिगेड भी पहुंच गई। हालांकि, तब तक आग दोनों टेंट को पूरी तरह चपेट में ले चुकी थी।
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लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद फायरब्रिगेड कर्मचारी आग पर काबू पा सके लेकिन, तब तक दोनों टेंटों में रखा सारा सामान जलकर बर्बाद हो चुका था। शिविर के व्यवस्था प्रमुख अभिषेक नारायण मिश्र ने बताया कि घटना में संत दयालदास, प्रदीप कुमार पांडेय, वीरेंद्र नारायण शुक्ला, शिवानंद जी ब्रह्मचारी व रामनिहोर शुक्ल के टेंट में रखा सामान जलकर राख हो गया। इसके अलावा प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए गद्दे, कुर्सी, रजाई, दरी व अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गए। गनीमत यही रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग कैसे लगी, इसका पता नहीं चल सका।
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अलोपीबाग में थे स्वामी वासुदेवानंद
जिस वक्त यह घटना हुई, स्वामी वासुदेवानंद शिविर में मौजूद नहीं थे। शिविर में मौजूद लोगों ने बताया कि घटना से कुछ देर पहले ही वह अलोपीबाग गए थे। जिन दो टेंटों में आग लगी, वह स्वामी वासुदेवानंद की कॉटेज के ठीक बगल स्थित हैं। आग बुझाने की कोशिशों में देर होती तो आग उनकी कॉटेज तक पहुंच सकती थी।
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