{"_id":"62bbce112a1d9b33aa54be4d","slug":"family-was-locked-in-house-with-dead-body-of-daughter-for-five-days-in-prayagraj","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अंधविश्वास और गरीबी ने ली बेटी की जान: पांच दिन तक घर में शव के साथ रहे परिवार के 11 लोग, भूख लगने पर पीते थे सिर्फ गंगाजल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंधविश्वास और गरीबी ने ली बेटी की जान: पांच दिन तक घर में शव के साथ रहे परिवार के 11 लोग, भूख लगने पर पीते थे सिर्फ गंगाजल
Wed, 29 Jun 2022 11:23 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 29 Jun 2022 11:23 AM IST
विज्ञापन
प्रयागराज में चौंकाने वाला मामला
- फोटो : अमर उजाला
प्रयागराज के करछना क्षेत्र के डीहा गांव में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक परिवार 18 वर्षीय बेटी अंतिमा यादव के शव के साथ पांच दिन तक घर के भीतर बंद रहा। दुर्गंध आने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद घटना की जानकारी हुई। भीतर जाने पर घर में 11 अन्य सदस्य भी बीमार पड़े मिले। इनमें से एक की हालत गंभीर थी। पूछताछ में पता चला कि घर में कई-कई दिनों तक खाना नहीं बनता था और परिवार के लोग सिर्फ गंगाजल पीते थे। पुलिस ने सभी को अस्पताल भेजवाया है। जहां उनका इलाज जारी है। डीहा गांव निवासी अभयराज यादव प्राइवेट नौकरी करता था। कोरोना संक्रमण के दौरान नौकरी छूटने पर वह घर पर ही रहने लग। उसकी पांच बेटियां व तीन बेटे हैं। चार बेटियों की शादी हो चुकी है और एक को छोड़कर तीन बेटियां इन दिनों मायके में ही थीं।
डीहा गांव में अभयराज के घर के बाहर रोते बिलखते उसके रिश्तेदार
- फोटो : prayagraj
मंगलवार दोपहर घर से तेज दुर्गंध आने पर पड़ोसियों ने सूचना दी तो पुलिस पहुंची। घर के भीतर जाने पर पर अंतिमा का शव पड़ा मिला। शव कई दिन पुराना था और इसी से दुर्गंध आ रही थी।
करछना। डीहा गांव में घर के अंदर लाश की सूचना पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : prayagraj
यही नहीं, घर के भीतर कई अन्य सदस्य भी बीमार मिले। इनमें मृतका के अलावा उसकी तीन बहनें, तीन भाई व उनके पांच बच्चे शामिल हैं। इनमें अभयराज की नतिनी कृति (5) की हालत बेहद गंभीर थी। सभी को अस्पताल भेजवाया गया। इनमें से चार को एसआरएन में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
करछना। डीहा गांव में घर के अंदर लाश की सूचना पर पहुंची पुलिस व जुटी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : prayagraj
बीमारी का नहीं कराया इलाज, कर रहे थे झाड़-फूंक
घटना की जानकारी मिली तो सीओ करछना, एसपी यमुनापार के साथ ही एसडीएम व अन्य अफसर भी आ गए। उन्होंने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि अभयराज को छोड़कर परिवार के अन्य सभी सदस्य बीमार थे। लेकिन वह दवा कराने की बजाय झाड़-फूंक में लगे थे।
घटना की जानकारी मिली तो सीओ करछना, एसपी यमुनापार के साथ ही एसडीएम व अन्य अफसर भी आ गए। उन्होंने जांच पड़ताल शुरू की तो पता चला कि अभयराज को छोड़कर परिवार के अन्य सभी सदस्य बीमार थे। लेकिन वह दवा कराने की बजाय झाड़-फूंक में लगे थे।
विज्ञापन
डीहा गांव में घर के अंदर लाश की सूचना पर पहुंची पुलिस व जुटी ग्रामीणों की भीड़
- फोटो : prayagraj
अभयराज ने बताया कि वह विरोध करता तो बेटे व बेटियां उसे डांट-डपटकर चुप करा देते थे। बेटी अंतिमा की हालत बिगड़ने पर उसने एक बार फिर दवा कराने को कहा तो सभी ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया। पांच दिन से वह कमरे में बंद था।