माघ मेला बसाने के लिए दोबारा बढ़ाई गई तिथि बीतने के बाद भी 40 फीसदी काम बाकी रह गया है। मेला शुरू होने में अब महज 11 दिन ही शेष रह गए हैं, लेकिन कल्पवासियों के शिविरों तक मूलभूत सुविधाएं भी नहीं पहुंच सकी हैं।
कल्पवासियों के शिविरों से तीन किमी दूर स्नान घाट, माघ मेले का 40 फीसदी काम अभी अधूरा
स्नान घाटों का निर्माण न हो पाने से कल्पवासियों को पुण्य की डुबकी लगाने के लिए तीन किमी पैदल चलना होगा। दलदल से शिविरों को लगाना अलग से चुनौती बन गया है। माघ मेला सलाहकार समिति के सदस्य एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री मधु चकहा ने मेला प्रशासन पर समय रहते तैयारियां करने में फेल होने का आरोप लगाया है। तीर्थपुरोहित सभा ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मेले की तैयारियां शीघ्र पूरी कराने की गुहार लगाई है।
10 जनवरी से आरंभ हो रहे माघ मेला क्षेत्र में गंगा के तेज प्रवाह केचलते हर तरफ दलदल की समस्या से लोगों को दो-चार होना पड़ रहा है। इसके साथ ही अब तक न तो पर्याप्त स्नान घाट बन सके हैं न तो बिजली केतार-खंभे ही हर जगह दौड़ाए जा सके हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर से पांटून पुल और चकर्ड प्लेट मार्गों का निर्माण भी अभी 60 फीसदी बाकी रह गया है।
पुरानी जीटी रोड के उत्तर व कल्पसियों के क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए अभी तक इंतजाम नदारद हैं। पेयजल की पाइप लाइनें भी अभी आधे से अधिक इलाकों में बिछाई जानी हैं। जबकि बीते दिनों यहां आए जिले को नोडल अफसर प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) डॉ रजनीश दुबे ने 25 दिसंबर तक हर हाल में माघ मेले की तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका है। मेला सलाहकार समिति के सदस्य एवं अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री मधु चकहा ने प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं नगर विकास मंत्री से मेले की तैयारियां जल्द पूरी करने की आवाज उठाई है।
तीर्थ पुरोहितों नेमोरी रोड के दक्षिण किया भूमि पूजन
प्रयागराज। हरी मछली झंडा निशान वाले प्रधान तीर्थ पुरोहित राजेंद्र पालीवाल के शिविर के लिए रविवार को मोरी रोड के दक्षिण पटरी पर मां गंगा व त्रिवेणी को साक्षी मानकर भूमि पूजन किया गया। मां गंगा, यमुना व विलुप्त सरस्वती की वंदना कर माघ मेले को निर्विघ्न पूर्ण कराने की प्रार्थना की गई।