इलाहाबाद विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा व कुलपति की बर्खास्तगी की मांग को लेकर धरने पर बैठीं छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष व सपा नेता ऋचा सिंह रविवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया। कर्नलगंज पुलिस ने उन्हें धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में दो समर्थक छात्राओं के साथ पकड़ा। बाद में मजिस्ट्रेट ने तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया।
इलाहाबाद विविः महिला हॉस्टल के बाहर धरने पर बैठीं ऋचा सिंह गिरफ्तार
इविवि के महिला छात्रावास में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर ऋचा ने पिछले दिनों कई गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग को से भी शिकायत की। जिसमें विवि प्रशासन पर तमाम गंभीर आरोप भी लगाए। इस मामले को लेकर ही 16 दिनों पहले उन्होंने महिला छात्रावास के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। रविवार को लगातार 17वेें दिन भी वह धरने पर बैठी थीं। दोपहर 1.30 बजे के करीब कर्नलगंज व महिला थाने की पुलिस धरनास्थल पर पहुंच गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देकर धरना खत्म करने को कहा लेकिन ऋचा इसके लिए तैयार नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस ने उनके साथ ही धरने पर बैठीं दो अन्य छात्राओं ज्योत्सना व आकांक्षा को हिरासत में ले लिया। तीनों को महिला थाने ले जाया गया। उधर, कर्नलगंज थाने में धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा लिखकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। शाम चार बजे के करीब उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया। जहां तीनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। कर्नलगंज पुलिस का कहना है कि कई बार नोटिस देकर ऋचा को बताया गया कि निषेधाज्ञा लागू है, ऐसे में वह धरना प्रदर्शन खत्म कर दें लेकिन, वह नहीं मानीं। जिसके बाद उन्हें मुकदमा लिखकर गिरफ्तार किया गया।
प्रशासन कर रहा वीसी को बचाने की साजिश
प्रयागराज। उधर महिला थाने में मौजूद ऋचा सिंह ने विवि प्रशासन के साथ ही पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि पिछले 16 दिनों से शांतिपूर्ण तरीके से धरना किया जा रहा था। रविवार को भी केवल तीन लोग धरनास्थल पर मौजूद थे। इसके बावजूद पुलिस ने गलत तरीके से उन्हें हिरासत में ले लिया। आरोप लगाया कि पुरुष पुलिसकर्मियों ने तीनों को पकड़कर खींचा। जिला प्रशासन महिला आयोग के आदेश का पालन करने की बजाय वीसी को लगातार बचाने की कोशिश कर रहा है। ऋचा ने बताया कि इस ज्यादती के खिलाफ वह आमरण अनशन करेंगी।
महिला छात्रावास की छात्राओं ने आरोप लगाया है कि शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा प्रदर्शन महिलाओं की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि धरनास्थल पर जैसे ही पुलिस पहुंची, छात्रावास का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। इस दौरान बाहर जाने से छात्राओं को गार्ड ने यह कहते हुए रोक दिया कि उसे ऊपर से आदेश मिला है। आरोप लगाया कि ऋचा के साथ ही धरने पर बैठीं दो अन्य छात्राओं से धक्कामुक्की व अभद्रता की गई।