मास्टर क्लोनिंग मशीन के जरिए एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर खाते से रुपये उड़ाने वाले अंतर प्रांतीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ करते हुए चार बदमाशों को दबोच लिया। उसके पास से मास्टर क्लोनिंग मशीन, रीड मशीन, रीड डिवाइस समेत 38 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। गिरोह ने अपना जाल मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार समेत अन्य प्रदेशों में भी फैला रखा था। गिरोह के लोग अब तक 600 एटीएम कार्ड के क्लोन तैयार कर लाखों रुपये उड़ा चुके हैं। उनका एक साथी डिवाइस लेकर फरार है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने मंगलवार को गैंग का खुलासा करते हुए बताया कि आए दिन लोगों के एटीएम कार्ड से रुपये निकलने की शिकायतें मिल रही थीं। गिरोह की धरपकड़ के लिए सीओ सिटी अभय पांडेय की देखरेख में स्वॉट टीम प्रभारी अजय सिंह व कोतवाली पुलिस को लगाया गया था।
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सोमवार की रात पुलिस व स्वॉट टीम ने बड़ा का पुरवा नहर पुलिया के पास से 4 बदमाशों को धर दबोचा जबकि एक बदमाश भागने में कामयाब रहा। पूछताछ में गिरोह के सरगना नेमचंद्र सरोज पुत्र रामकरन सरोज निवासी बढनी थाना जेठवारा, राजेंद्र उर्फ कल्लू डान पुत्र रामशिरोमणि सिंह निवासी सिटकहा मोहनगंज नगर कोतवाली, कपिल वर्मा पुत्र राजाराम वर्मा निवासी बढनी व कृष्णवीर सिंह यादव पुत्र दिनेश यादव निवासी सरियापुर थाना जेठवारा ने बताया कि साथी अंकित सिंह उर्फ शिवेंद्र सिंह पुत्र रामकुमार सिंह निवासी नौबस्ता जेठवारा के साथ मिलकर वह कई सालों से लोगों को झांसा देकर एटीएमकार्ड का क्लोन बनाकर खाते से रुपये उड़ाने का काम कर रहे हैं।
सभी अभी तक लाखों रुपये उड़ा चुके हैँ। प्रयागराज के करेली में कुछ दिनों पहले नेमचंद्र व कपिल पकड़े गए थे। उस घटना में राजेंद्र सिंह कल्लू डान वांछित था। बदमाशों के पास से कार्ड क्लोनिंग मशीन, एमएसआर मशीन, रीड डिवाइस, 38 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, 12 चेकबुक, 7 पासबुक, कार, स्कूटी, दो तमंचे, 20 कारतूस, चार मोबाइल व 1350 रुपये बरामद किए गए हैं। फरार अभियुक्त अंकित की तलाश में पुलिस टीम लगी हुई है। यह गिरोह मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार समेत कई प्रदेशों में घटनाओं को अंजाम देता था।
नेमचंद्र है मास्टरमाइंड
एटीएम हैक कर रुपये उड़ाने वाले गिरोह के सरगना नेमचंद्र ने पीजीडीसीए का डिप्लोमा किया है। उसने कुछ दिनों तक एचपी कंपनी में वेबसाइट साफ्टवेयर की मार्केटिंग में काम किया। पूछताछ में उसने बताया कि सबसे पहले उसने घुइसरनाथ अमावा के रहने वाले मनीष कुमार पाल के साथ रुपये उड़ाने का काम सीखा था। पहले उसके गैंग में कपिल वर्मा, कल्लू डान, कृष्णवीर सिंह, अंकित, ऋषिकेश थे।
बाद में सभी मनीष पाल से अलग हो गए। वर्ष 2013 में सबसे पहले सुलतानपुर में घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 2018 तक मध्यप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र व दिल्ली समेत अन्य प्रांतों में एटीएम क्लोन तैयार कर रुपये उड़ाता रहा। अब तक करीब 600 लोगों का कार्ड बदलकर लाखों रुपये उड़ा चुके है। हर कार्ड में 20 से 25 हजार रुपये तक आसानी से मिल जाते थे। एटीएम से उड़ाए रुपये से ही घर बनवाया और कार खरीदी।