फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अतीक अहमद : गैंग आईएस 227, मुकदमे 101, पहली बार फैसला, 1979 में दर्ज हुआ था पहला मुकदमा

Tue, 28 Mar 2023 05:55 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 28 Mar 2023 05:55 AM IST
सार

माफिया अतीक अहमद के खिलाफ यूं तो सौ से अधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन पहली बार किसी मुकदमे में फैसला आने जा रहा है। उमेश पाल अपहरणकांड में अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी। उसके खिलाफ जितने मामले चल रहे हैं, अधिकांश में गवाह मुकर चुके हैं।

विज्ञापन
Atiq Ahmed: Gang IS 227, cases 101, first time verdict, first case was filed in 1979
Prayagraj News : अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

माफिया अतीक अहमद के खिलाफ यूं तो सौ से अधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन पहली बार किसी मुकदमे में फैसला आने जा रहा है। उमेश पाल अपहरणकांड में अदालत मंगलवार को फैसला सुनाएगी। उसके खिलाफ जितने मामले चल रहे हैं, अधिकांश में गवाह मुकर चुके हैं। उमेश पाल ने अपने अपहरण के मामले को लगभग अंजाम तक पहुंचा दिया, लेकिन फैसले से एक महीने पहले उनकी हत्या कर दी गई।



अतीक के खिलाफ कुल 101 मुकदमे दर्ज हुए। वर्तमान में कोर्ट में 50 मामले चल रहे हैं, जिनमें एनएसए, गैंगस्टर और गुंडा एक्ट के डेढ़ दर्जन से अधिक मुकदमे हैं। उस पर पहला मुकदमा 1979 में दर्ज हुआ था। इसके बाद जुर्म की दुनिया में अतीक ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। हत्या, लूट, रंगदारी अपहरण के न जाने कितने मुकदमे उसके खिलाफ दर्ज होते रहे। मुकदमों के साथ ही उसका राजनीतिक रुतबा भी बढ़ता गया।

Atiq Ahmed: Gang IS 227, cases 101, first time verdict, first case was filed in 1979
माफिया अतीक अहमद - फोटो : अमर उजाला

एक बार एनएसए भी लगाया जा चुका है

1989 में वह पहली बार विधायक हुआ तो जुर्म की दुनिया में उसका दखल कई जिलों तक हो गया। 1992 में पहली बार उसके गैंग को आईएस 227 के रूप में सूचीबद्ध करते हुए पुलिस ने अतीक को इस गिरोह का सरगना घोषित कर दिया। 1993 में लखनऊ में गेस्ट हाउस कांड ने अतीक को काफी कुख्यात किया। गैंगस्टर एक्ट के साथ ही उसके खिलाफ कई बार गुंडा एक्ट की कार्रवाई भी की गई। एक बार तो उस पर एनएसए भी लगाया जा चुका है।

Atiq Ahmed: Gang IS 227, cases 101, first time verdict, first case was filed in 1979
अतीक अहमद - फोटो : Social Media

कई मुकदमों में मुकर गए गवाह
जुर्म और राजनीति के साथ -साथ अतीक अब ठेकेदारी और जमीन के धंधे में भी कूद पड़ा। जमीन की खरीद-फरोख्त और रंगदारी से अतीक ने ही नहीं, बल्कि उसके गुर्गों ने भी अकूत संपत्ति जुटा ली। अतीक का खौफ इतना था कि उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज करने की हिम्मत नहीं करता था। अगर कर भी दिया तो बाद में गवाह मुकर जाते। कई मामलों में वादी ने ही लिखकर दे दिया कि उसने अतीक के खिलाफ गलत मुकदमा दर्ज कराया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Atiq Ahmed: Gang IS 227, cases 101, first time verdict, first case was filed in 1979
साबरमती जेल से बाहर आया अतीक अहमद - फोटो : ANI

राजू पाल की हत्या के बाद शुरू हुए दुर्दिन

समय बीतने के साथ जुर्म की दुनिया में अतीक नए तरीके से काम करने लगा था। अपने दुश्मनों और विरोधियों से वह सीधा नहीं लड़ता था। उसके किसी दुश्मन को तैयार कर उसे पैसे और हथियार देकर उन्हें रास्ते से हटवा देता था। इस तरह सैकड़ों केस हुए, जिसमें अतीक का कहीं नाम ही नहीं आया। वर्षों बाद राजू पाल हत्याकांड में अतीक का सीधा नाम आया तो उसके दुर्दिन की शुरुआत हो गई। अगले ही साल उमेश पाल का अपहरण कर अतीक ने अपने पैरों पर जैसे कुल्हाड़ी ही मार ली। यह अपहरण कांड एकमात्र ऐसा केस है जो फैसले तक पहुंच गया। हालांकि उमेश की हत्या हो चुकी है। अगर कोर्ट मंगलवार को अतीक के खिलाफ कोई फैसला लेती है तो उसकी जिंदगी की पहली सजा होगी।

विज्ञापन
Atiq Ahmed: Gang IS 227, cases 101, first time verdict, first case was filed in 1979
माफिया अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

सरकार ने कई मुकदमे वापस भी लिए

प्रदेश सरकार ने अतीक के खिलाफ कई गंभीर मुकदमों को वर्ष 2001, 2003 और 2004 में वापस ले लिया था। कई मामलों में तो पुलिस ने अतीक की नामजदगी को गलत बता एफआर लगा दी थी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed