पति सुरेश को पड़ोसी के प्यार में अंधी तीन बच्चों की मां बीना ने प्रेमी मनोज से मरवा दिया। इस वारदात के बाद थाने पहुंचे बच्चों ने मां का तिरस्कार कर दिया। जब पुलिस ने बीना के मायके में उसके भाई को फोन पर सूचना दी तो उसने भी आने से इनकार कर दिया। शुक्रवार को पुलिस ने उसे प्रेमी संग जेल भेज दिया।
पति ने प्रेमी को लाकर दिया हथियार
ये घटना गुरुवार सुबह 9 बजे की है। कस्बे के मोहल्ला कोठी के सुरेश (32) की पड़ोसी मनोज ने गोली मारकर उस समय हत्या कर दी, जब वह चबूतरे पर बैठा था। इसके बाद मनोज खुद तमंचा लेकर थाने पहुंच गया। जहां उसने बताया कि उसके व सुरेश की पत्नी बीना के प्रेम संबंध हैं। इन्हीं संबंधों में बीना के कहने पर उसने सुरेश की हत्या कर दी है। इस हत्या के लिए बीना ने ही तमंचे का इंतजाम करके दिया था। पुलिस ने आनन-फानन बीना को भी पकड़ लिया। पोस्टमार्टम के बाद शव का शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, इस घटना के बाद से आरोपी का परिवार गांव से गायब है।
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प्रेमी मनोज और बीना
- फोटो : अमर उजाला
महिला और प्रेमी के चेहरे पर नहीं अफसोस
इधर, सुरेश के भाई विजय की तहरीर पर बीना व मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर शुक्रवार को दोनों को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। जहां से जेल भेज दिया गया। इस दौरान महिला या उसके प्रेमी के चेहरे पर किसी तरह का अफसोस नहीं दिखाई दिया। बता दें कि दिल्ली की एक एक्सपोर्ट कंपनी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड काम करने वाले सुरेश की शादी करीब 12 वर्ष पहले बीच का नगला रैपुरा फिरोजाबाद की बीना संग हुई थी। शादी के बाद दंपती पर तीन बच्चे भी हैं। पिछले आठ वर्ष से बीना के पड़ोसी दुकानदार युवक मनोज से प्रेम संबंध थे।
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सुरेश और बीना
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झाड़ू पोंछा के बहाने बाहर कर दिया था पति
सीओ बरला गर्वित सिंह के अनुसार पुलिस पूछताछ व जांच में उजागर हुआ है कि सोमवार को दिल्ली से छुट्टी लेकर आए सुरेश को गुरुवार को वापस जाना था। बीना व मनोज ने हत्या करना तय कर लिया था। बीना ने अपने पति को घर में झाड़ू-पोंछा का बहाना बनाते हुए कई बार टोका टाकी कर बाहर कर दिया था। इसके चलते जब वह चबूतरे पर पहुंचा तो मनोज ने आकर गोली मार दी।
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विलाप करती बच्ची और हत्यारोपी महिला और मृतक की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
जेल जाती मां से बोले बच्चे, दुआ करेंगे फांसी हो
पुलिस ने शुक्रवार सुबह बीना-सुरेश के तीनों बच्चों क्रमश: 10 वर्षीय नीतेश, 8 वर्षीय पुनीत व 6 वर्षीय रोशनी को आधार कार्ड के साथ थाने बुलाया। जहां वे अपने ताऊ विजय व बुआ संग पहुंचे। इस बीच महिला को जेल भेजने की प्रक्रिया हो रही थी। तब मां ने बच्चों से कहा कि वह जेल जा रही है। अपना ख्याल रखना और रोजाना स्कूल जाना। इस पर बच्चों ने कहा कि वह उन्हें बेटा-बेटी कहकर न पुकारे। उसने पापा की हत्या की है। हम यही दुआ करेंगे कि आपको और मनोज को फांसी की सजा हो। तुम पापा की नहीं हुईं तो हमारी भी नहीं हो सकती। यह बात बोलकर बच्चे कुछ कदम पीछे हटे और रोने लगे।