फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एम्स ले जाने के सवाल पर परिवार ने कहा था-'हम अकेले कैसे कर पाएंगे', वायरल मेडिकल रिपोर्ट का क्या है सच?

Fri, 02 Oct 2020 09:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: शाहरुख खान Updated Fri, 02 Oct 2020 09:24 AM IST
विज्ञापन
Hathras Rape Case News What is the truth of viral medical report on social media
Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
14 सितंबर को हुई इस घटना के बाद बेटी को जेएन मेडिकल कॉलेज लाकर भर्ती कराया गया। दो दिन के इलाज के बाद उसे हालत नाजुक होने पर वेंटिलेटर पर लिया गया। इसके बाद 26 सितंबर को बेटी को हायर सेंटर एम्स ले जाने का सुझाव मेडिकल कालेज के डॉक्टरों ने दिया। इस खबर पर हाथरस पुलिस के अधिकारियों से स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने वार्ता की। 

 
Hathras Rape Case News What is the truth of viral medical report on social media
Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
परिवार से बात हुई, मगर परिवार की ओर से यह कहकर सहमति नहीं दी गई कि वहां हम अकेले कैसे कर पाएंगे? उस समय एम्स के डॉक्टरों से बातचीत भी की गई। वहां से इशारा भी मिल गया कि इसे लेकर आ सकते हैं। इसके बाद अचानक 28 सितंबर की सुबह उसे एम्स रेफर किया गया। मगर एम्स के बजाय हाथरस जिला पुलिस उसे सफदरजंग लेकर पहुंच गई। वहां अगले 24 घंटे में ही उसने दम तोड़ दिया। 
 
Hathras Rape Case News What is the truth of viral medical report on social media
Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया पर वायरल मेडिकल रिपोर्ट का सच क्या है?
हाथरस की बेटी के शरीर की बाह्य चोटों के संबंध में जेएन मेडिकल कॉलेज में हुए परीक्षण से संबंधित एक पेज की रिपोर्ट उसकी मौत के बाद से अचानक वायरल हो रही है। इस परीक्षण रिपोर्ट का सच तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन ही बताएगा, मगर इतना जरूर है कि इस रिपोर्ट में उसकी गर्दन पर गंभीर चोट के अलावा शरीर के किसी अन्य हिस्से में गंभीर चोट का उल्लेख नहीं है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
Hathras Rape Case News What is the truth of viral medical report on social media
Hathras Gang Rape Case - फोटो : अमर उजाला
सोशल मीडिया ग्रुपों में एक पेज की जो रिपोर्ट वायरल हो रही है, उसमें बेटी के शरीर के 16 बाह्य हिस्सों का परीक्षण किया गया है, जिसमें सिर्फ गर्दन में चोट, कंधे पर हल्की खरोंच व आंख के पास एक खरोंच का निशान होना बताया गया है। वहीं एक अन्य चोट शरीर के पिछले हिस्से में है, जो पुरानी चोट है और अब सही हो गई है। इसमें जीभ काटने जैसा कोई उल्लेख नहीं है। इसकी सच्चाई को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.शाहिद अली सिद्दीकी का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट देने का प्रावधान विवेचक व कोर्ट को है। हमारे यहां से ऐसी कोई रिपोर्ट वायरल नहीं हुई है।
 
विज्ञापन
Hathras Rape Case News What is the truth of viral medical report on social media
मौके पर जमा पुलिस - फोटो : अमर उजाला
हाथरस की युवती का होना था एक टेस्ट, जिस की सुविधा अलीगढ़ में है ही नहीं
हाथरस की बेटी 14 दिन मेडिकल कॉलेज में रखे जाने और उसे दिल्ली या अन्य कहीं पर बेहतर उपचार के लिए रेफर न किए जाने पर अब सवाल उठ रहे हैं। यह भी बात निकल कर आई है कि युवती का मुंह में पाइप डाल कर एक विशेष किस्म का एमआरआई होना था जो सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं है। माना जा रहा है कि उपचार में इस प्रकार की उदासीनता भी बिटिया की जान चले जाने का एक कारण बनी।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed